लखनऊ, 19 मई। लखनऊ में ड्रग तस्करी की आशंका के चलते होटलों और फार्म हाउसों में सघन छापेमारी की जा रही है। हाल के समाचारों के अनुसार, लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर ड्रग्स के साथ कई विदेशी महिलाओं की गिरफ्तारी हुई है, जिनके तार उत्तर प्रदेश, दिल्ली और आंध्र प्रदेश तक फैले हैं। पूछताछ में पता चला कि तस्कर होटलों और रिसॉर्ट्स को ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके चलते पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, नोएडा, गाजियाबाद, प्रयागराज, मेरठ और आगरा जैसे शहरों में तस्करों की पहचान कर होटलों, रिसॉर्ट्स और फार्म हाउसों में जांच तेज कर दी है। विदेशी तस्करों, खासकर रूसी, थाई और नाइजीरियाई तस्करों, पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।हालांकि, लखनऊ के होटलों में ड्रग तस्करी से संबंधित कोई विशिष्ट छापेमारी की ताजा खबर उपलब्ध नहीं है, लेकिन एयरपोर्ट पर 25 करोड़ रुपये की हाइड्रोपोनिक वीड और अन्य ड्रग्स की बरामदगी ने इस नेटवर्क की गंभीरता को उजागर किया है। यूपी पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने हाल ही में विधानसभा पास लगी कार से ड्रग्स तस्करी करने वाले एक तस्कर को भी पकड़ा, जिससे शहर में ड्रग्स की बढ़ती खपत का खुलासा हुआ।जांच एजेंसियां होटलों और फार्म हाउसों पर नजर रख रही हैं, और भविष्य में ऐसी कार्रवाइयां और तेज हो सकती हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर शुरू हुए इस ऑपरेशन में हजरतगंज के एक फाइव-स्टार होटल में दोपहर 3:00 बजे से तलाशी ली गई, जहाँ विदेशी नागरिकों के कमरों से संदिग्ध सामान बरामद हुआ। शाम 5:30 बजे तक गोमती नगर के दो अन्य होटलों में जाँच पूरी हुई, जहाँ एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह तस्करी नेटवर्क उत्तर प्रदेश, दिल्ली, और आंध्र प्रदेश से जुड़ा है। होटल कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।



