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अज़ाख़ाना जाफ़र लखनवी में 6 से 9 मोहर्रम तक “मजालिस-ए- सय्यदुश्शोहदा” का होगा आयोजन
लखनऊ, 22 जून। हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके वफ़ादार साथियों की कर्बला में दी गई महान कुर्बानियों की याद में हर वर्ष मोहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय के घरों, इमामबाड़ों, अज़ाख़ानों और धार्मिक स्थलों पर मजलिसों व मातम का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में मोहर्रम 1448 हिजरी के अवसर पर दरगाह हज़रत अब्बास (अ.स.), रुस्तम नगर, लखनऊ स्थित अज़ाख़ाना जाफ़र लखनवी में “मजालिस-ए-सय्यदुश्शोहदा” का आयोजन 6 से 9 मोहर्रम तक किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार मजलिसों का समय प्रतिदिन रात 8:30 बजे निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में पहली मजलिस में प्रसिद्ध मर्सियाख्वां क़ाज़ी सैयद मोहम्मद असद साहब, दूसरी मजलिस में मर्सिया ख्वान खुर्शीद रज़ा फतेहपुरी साहब, तीसरी मजलिस में मर्सिया ख्वान ज़मान हैदर साहब तथा चौथी मजलिस में मौलाना रज़ा अब्बास साहब क़िब्ला मजलिस को खिताब करेंगे।
आयोजकों ने बताया कि मजलिसों में कर्बला के संदेश, इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी, इंसानियत, न्याय और सत्य के लिए दी गई उनकी अज़ीम क़ुर्बानियों पर प्रकाश डाला जाएगा। उन्होंने तमाम अज़ादारान-ए-इमाम हुसैन (अ.स.) से कार्यक्रम में शिरकत कर शोहदाए कर्बला को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करने की अपील की है।
कार्यक्रम के संरक्षकों में फ़ैज़ बाक़र, फ़राज़ जाफ़र, फ़ैज़ान जाफ़र, फ़रमान जाफ़र और फ़रहान जाफ़र शामिल हैं। मोहर्रम के इस्तक़बाल में आयोजित यह सिलसिला अज़ादारों को कर्बला के पैग़ाम से जोड़ने और अहलेबैत (अ.स.) की शिक्षाओं को आम करने का माध्यम बनेगा।
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