HomeCITYचार मोहर्रम के अवसर पर लखनऊ के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर आयोजित...

चार मोहर्रम के अवसर पर लखनऊ के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर आयोजित हुईं मजलिसें

लखनऊ, 20 जून। राजधानी लखनऊ में चार मोहर्रम 1448 हिजरी के अवसर पर आज सुबह से ही इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदाए कर्बला की याद में विभिन्न इमामबाड़ों और धार्मिक स्थलों पर मजलिसों तथा मातम का सिलसिला जारी रहा। शहर के प्रमुख इमामबाड़ों में बड़ी संख्या में अज़ादारों ने शिरकत कर कर्बला के पैग़ाम को सुना और हुसैनी मातम के ज़रिये अपने जज़्बात का इज़हार किया।
चार मोहर्रम की सुबह विक्टोरिया स्ट्रीट स्थित शिया पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित मजलिस से कार्यक्रमों का आगाज़ हुआ, जहां ज़ाकिर ने कर्बला के हालात, इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी और इंसानियत की हिफाज़त के लिए दी गई महान शहादत पर विस्तार से प्रकाश डाला। मजलिस के बाद अज़ादारों ने नौहाख़्वानी और मातम किया।
इसके बाद शहर के प्रमुख धार्मिक केंद्र इमामबाड़ा गुफरानमआब में मजलिस आयोजित हुई, जिसमें मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी ने खिताब करते हुए कर्बला के संदेश, इस्लामी मूल्यों की रक्षा तथा अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष के महत्व को बयान किया। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) का पैग़ाम केवल मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि पूरी इंसानियत के लिए मार्गदर्शक है। मजलिस के बाद अकीदतमंदों ने नौहाख़्वानी और सीनाजनी की।
इसके अलावा इमामबाड़ा आगा बाक़िर में भी चार मोहर्रम की मजलिस आयोजित हुई, जहां मौलाना मीसम जैदी ने कर्बला के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके वफ़ादार साथियों की कुर्बानियों को याद किया। मजलिस में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने भाग लिया तथा मातम के माध्यम से अपने अकीदत का इज़हार किया।
इसके अतिरिक्त चौक, नक्खास, हुसैनाबाद, कश्मीरी मोहल्ला, रकाबगंज, तालकटोरा, आलमबाग, राजाजीपुरम तथा शहर के अन्य इलाकों में स्थित इमामबाड़ों ,दरगाहों,मस्जिदों और घरों में भी मजलिसों का आयोजन किया गया। विभिन्न ज़ाकिरों और उलेमा ने अपने-अपने ख़िताब में कर्बला के उद्देश्यों, सब्र, कुर्बानी, इंसाफ़ और मानवता की शिक्षा को बयान किया। अंजुमनों ने नौहाख़्वानी पेश की, जिसके बाद अज़ादारों ने सीना ज़नी कर हज़रत इमाम हुसैन अस को पुरसा पेश किया।
मोहर्रम के अवसर पर राजधानी का धार्मिक वातावरण पूरी तरह हुसैनी रंग में नज़र आया। इमामबाड़ों और अज़ाख़ानों को सजाया गया है तथा आगामी दिनों में होने वाली मजलिसों, जुलूसों और अन्य अज़ादारी कार्यक्रमों की तैयारियां भी तेज़ी से जारी हैं। शहर भर में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच अज़ादारी का सिलसिला पूरी श्रद्धा, अनुशासन और धार्मिक गरिमा के साथ जारी है।
चार मोहर्रम की इन मजलिसों में उलेमा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कर्बला का संदेश अन्याय के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करने, सत्य का साथ देने और मानवता की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने का पैग़ाम देता है। अज़ादारों ने इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदाए कर्बला को ख़िराजे अकीदत पेश करते हुए आगामी दिनों की अज़ादारी में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प व्यक्त किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read