लखनऊ, 19 मई । लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने फर्जी रजिस्ट्री में सहायता करने के आरोप में अपने पांच रिटायर्ड कर्मचारियों के खिलाफ जांच शुरू की है। X पर आज की पोस्ट्स के अनुसार, LDA ने इन कर्मचारियों की रिपोर्ट शासन को भेजी है, और गृह विभाग ने आवश्यक दस्तावेज मांगे हैं। यह मामला लखनऊ में अवैध संपत्ति हस्तांतरण और भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जो आज की प्रमुख खबरों में शामिल है।LDA के उपाध्यक्ष (VC) को गृह विभाग ने पत्र भेजकर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि ये रिटायर्ड कर्मचारी, जो पहले रजिस्ट्री और संपत्ति आवंटन से जुड़े थे, ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों का हस्तांतरण किया। इससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ, बल्कि कई लोगों को गलत तरीके से संपत्ति मिली।LDA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कुछ कर्मचारियों ने रिटायरमेंट से पहले या बाद में बाहरी लोगों के साथ मिलकर फर्जी रजिस्ट्रियां कीं। इनमें से कई मामले गोमती नगर और फैजाबाद रोड की कॉलोनियों से जुड़े हैं। लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की, लेकिन कुछ ने सवाल उठाया कि क्या वर्तमान कर्मचारियों की भी जांच होगी। LDA ने स्पष्ट किया कि जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है। जनता से अपील की गई है कि वे फर्जी रजिस्ट्री से सावधान रहें और LDA से संपर्क करें।



