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दरगाह हज़रत अब्बास में फिसलन भरे फर्श पर फिर हादसा, वीडियो बना रहे पत्रकार को रोके जाने से उठे सुरक्षा पर सवाल

लखनऊ, 12 मई। पुराने लखनऊ स्थित ऐतिहासिक धार्मिक स्थल दरगाह हज़रत अब्बास में फिसलन भरे फर्श की समस्या एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। ज़ायरीन लगातार फर्श पर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि दरगाह प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर अब तक प्रभावी कदम उठाने में विफल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दरगाह परिसर में ऐसा शायद ही कोई दिन गुजरता हो जब कोई न कोई व्यक्ति फर्श की अत्यधिक फिसलन के कारण गिरकर घायल न होता हो।

लोगों का कहना है कि इस फर्श पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं और कथित अनियमितताओं तथा निर्माण संबंधी सवाल उठाए जाते रहे हैं। बताया गया कि मंगलवार रात लगभग 10 बजे दरगाह के मैदान में एक व्यक्ति अपनी दोपहिया वाहन सहित चिकने फर्श पर फिसलकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद एक पत्रकार जब घटना का वीडियो बना रहा था, तभी एक युवक ने वीडियो बनाने का विरोध करते हुए सवाल उठाया कि “मूवी क्यों बना रहे हैं?” पत्रकार द्वारा यह कहे जाने पर कि जनता से जुड़े मुद्दों, खामियों और भ्रष्टाचार संबंधी मामलों को उजागर करना उसका पेशेवर दायित्व है, युवक ने कथित तौर पर कहा कि “आप लोग सिर्फ कमियां निकालने में लगे रहते हैं।” मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाद में जानकारी मिली कि विरोध करने वाला युवक दरगाह प्रशासन से जुड़े परिवार का रिश्तेदार बताया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी पत्रकारों को लेकर कथित निगरानी और अनहोनी की आशंका जैसी बातें सामने आ चुकी हैं, जिससे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। घटना के बाद कई लोगों ने सवाल उठाए कि यदि जनहित के मुद्दों को उजागर करने वाले पत्रकारों पर इसी प्रकार दबाव बनाया जाएगा, तो आम जनता की समस्याएं सामने कैसे आ सकेंगी। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले ज़ायरीनों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए और फिसलन भरे फर्श की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। स्थानीय नागरिकों ने यह भी मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं, पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार को लेकर भी सवाल लगातार उठ रहे हैं।

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