लखनऊ,24 मई । केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुख्यात साइबर अपराधी अंगद सिंह चंदौक को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया है। चंदौक पर अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं। यह प्रत्यर्पण लंबी कानूनी प्रक्रिया और भारत-अमेरिका के बीच आपसी सहयोग के बाद संभव हो सका।सीबीआई के अनुसार, अंगद सिंह चंदौक एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा था, जो फर्जी कॉल सेंटरों और ऑनलाइन स्कैम के जरिए अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था।
उसने फर्जीवाड़े के जरिए लाखों डॉलर की ठगी की और अवैध रूप से प्राप्त धन को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए विभिन्न देशों में स्थानांतरित किया। चंदौक को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था, और भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण के लिए लगातार प्रयास किए।प्रत्यर्पण के बाद चंदौक को भारत लाया गया है, जहां उसे दिल्ली की एक विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है ताकि उसके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। इस मामले में सीबीआई ने अमेरिकी एजेंसियों, विशेष रूप से एफबीआई, के साथ मिलकर काम किया। यह प्रत्यर्पण भारत की साइबर अपराध के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “चंदौक का प्रत्यर्पण साइबर अपराधियों को यह संदेश देता है कि वे कानून से नहीं बच सकते, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में हों।” इस मामले में आगे की जांच से और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।



