लखनऊ, 29 जुलाई। आपराधिक और शातिर प्रवृत्ति के मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्रियों को इस बात का ध्यान रहना चाहिए कि सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री के नाम से आप पर कोई भी मुकदमा चलाया जा सकता है ।आज इसी उदाहरण के तहत बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को एक हत्या के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी मचा दी है। सुबह ढाका से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शेख हसीना को एक पुराने हत्या के मामले में संलिप्तता के आरोप में बांग्लादेश पुलिस ने हिरासत में लिया। यह मामला 2009 के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) विद्रोह से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शेख हसीना को ढाका के एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। बांग्लादेश की वर्तमान सरकार ने इस मामले को फिर से खोलने का फैसला किया था, क्योंकि कुछ नए सबूत सामने आए हैं। शेख हसीना की पार्टी, अवामी लीग, ने इस कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है, जबकि सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह कानून का पालन करने की दिशा में एक कदम है। शेख हसीना ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि यह उनकी छवि को खराब करने की साजिश है।



