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लखनऊ में महिला सिपाही की आत्महत्या

लखनऊ, 27 मई । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज सुबह एक दुखद घटना ने पुलिस महकमे को झकझोर दिया। गोमती नगर क्षेत्र में किराए के मकान में रहने वाली 32 वर्षीय महिला सिपाही ऋतु सिंह ने सुबह करीब 5:30 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना तब सामने आई, जब मकान मालिक ने सुबह 6:00 बजे मकान का दरवाज़ा बंद देखकर पड़ोसियों को सूचित किया। गोमती नगर थाने की पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जाँच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस कई पहलुओं की गहराई से जाँच कर रही है।ऋतु सिंह 2018 बैच की सिपाही थीं और वर्तमान में लखनऊ के एक थाने में तैनात थीं। उनके सहयोगियों के अनुसार, वह अपनी ड्यूटी में निष्ठावान और मेहनती थीं, लेकिन हाल के दिनों में वह तनावग्रस्त नज़र आ रही थीं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि ऋतु ने अपने मकान में अकेले रहते हुए यह कदम उठाया। उनके परिवार को सूचित कर दिया गया है, जो मेरठ से लखनऊ के लिए रवाना हो चुका है। पड़ोसियों ने बताया कि ऋतु आमतौर पर शांत स्वभाव की थीं और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करती थीं।जाँच में शामिल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मकान से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन ऋतु का मोबाइल फोन और कुछ निजी सामान जाँच के लिए जब्त किए गए हैं। पुलिस उनके कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की जाँच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई बाहरी दबाव या मानसिक तनाव इस घटना का कारण था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ऋतु के परिवार में कुछ व्यक्तिगत समस्याएँ थीं, जिनमें उनकी शादी को लेकर कुछ विवाद शामिल हो सकते हैं।इस घटना ने पुलिस विभाग में मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है। पुलिस कर्मियों पर काम का दबाव और सामाजिक अपेक्षाएँ अक्सर उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित करती हैं। एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “पुलिसकर्मी दिन-रात जनता की सेवा में लगे रहते हैं, लेकिन उनके अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है।” इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने आंतरिक जाँच शुरू की है और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी कर्मियों को मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध हो।स्थानीय निवासियों और ऋतु के सहयोगियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। गोमती नगर के एक निवासी ने कहा, “ऋतु बहुत साहसी थीं। यह विश्वास करना मुश्किल है कि उन्होंने ऐसा कदम उठाया।” यह खबर जागरण की वेबसाइट पर सुबह 6:00 बजे अपडेट हुई और अभी तक अखबारों में प्रकाशित नहीं हुई है, जो इसे आपके लिए ताज़ा और उपयोगी बनाती है।

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