लखनऊ, 29 मई ।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र में आज तड़के सुबह पुलिस और लुटेरों के बीच एक तनावपूर्ण मुठभेड़ हुई। यह घटना आलमबाग बस स्टैंड के पास हुई, जहां दो बदमाशों ने एक बस कंडक्टर से लूटपाट की थी। लखनऊ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बदमाशों का पीछा किया, जिसके परिणामस्वरूप मुठभेड़ हुई। इस दौरान एक बदमाश, गौरव कनौजिया, पुलिस की गोली से घायल हो गया, जबकि उसका साथी शुभम अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने मौके से एक अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद की है।घटना की शुरुआत तब हुई, जब आलमबाग बस स्टैंड पर एक कंडक्टर ने पुलिस को सूचना दी कि दो हथियारबंद बदमाशों ने उससे नकदी और मोबाइल फोन छीन लिया। सूचना मिलते ही आलमबाग थाने की पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी शुरू की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बदमाश एक बाइक पर सवार होकर भाग रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया और आलमबाग के एक सुनसान इलाके में बदमाशों को घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी। इस मुठभेड़ में गौरव कनौजिया के पैर में गोली लगी, और उसे तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।लखनऊ पुलिस आयुक्त ने इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। पुलिस ने फरार बदमाश शुभम की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की हैं और सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसकी तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि गौरव और शुभम पहले भी कई लूटपाट की घटनाओं में शामिल रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की, लेकिन कुछ ने यह भी सवाल उठाया कि बदमाश इतने साहसी कैसे हो रहे हैं।पुलिस ने इस मामले में कंडक्टर की शिकायत पर आईपीसी की धारा 392 (लूट) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है। यह घटना लखनऊ में बढ़ते अपराध को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है।



