लखनऊ, 1 जून। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के वरिष्ठ अधिकारी अमित कुमार सिंगल और उनके सहयोगी हर्ष कोटक को गिरफ्तार किया है। अमित कुमार सिंगल 2007 बैच के IRS अधिकारी हैं और वर्तमान में नई दिल्ली में करदाता सेवा निदेशालय (Directorate of Taxpayer Services) में अतिरिक्त महानिदेशक (Additional Director General) के पद पर तैनात थे। उन पर 45 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और 25 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
मामले का खुलासा
CBI को शिकायत मिली थी कि अमित कुमार सिंगल ने एक निजी व्यक्ति, संनम कपूर से 45 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। संनम कपूर ला पिनोस (La Pinos) नामक एक फूड फ्रेंचाइजी चेन के मालिक हैं। कपूर ने अपनी शिकायत में बताया कि सिंगल ने आयकर विभाग (Income Tax Department) से अनुकूल व्यवहार और एक आयकर नोटिस को रद्द करने के बदले यह रिश्वत मांगी थी।
सिंगल ने कथित तौर पर रिश्वत न देने पर कानूनी कार्रवाई, भारी जुर्माना और उत्पीड़न की धमकी दी थी।शिकायत के आधार पर CBI ने एक जाल बिछाया। 31 मई 2025 को हर्ष कोटक को मोहाली में सिंगल के आवास पर 25 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। कोटक कथित तौर पर सिंगल की ओर से रिश्वत की यह राशि ले रहा था। उसी दिन देर शाम CBI की एक टीम ने नई दिल्ली के वसंत कुंज स्थित सिंगल के आवास से उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद CBI ने दिल्ली, मुंबई और पंजाब में कई स्थानों पर छापेमारी की। सिंगल के दिल्ली आवास से 2.5 किलोग्राम सोने के आभूषण और 30 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा, हर्ष कोटक के मुंबई और पंजाब स्थित ठिकानों से भी कई संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। CBI ने कहा कि यह जांच अभी जारी है और भ्रष्टाचार के इस मामले की पूरी गहराई तक पहुंचने के लिए और सबूत जुटाए जा रहे हैं।
मामले की पृष्ठ भूमि
संनम कपूर के वकील गगनदीप सिंह जम्मू ने बताया कि कपूर का 2017 में मुंबई के एक व्यवसायी हर्ष कोटक के साथ एक फ्रेंचाइजी समझौता हुआ था। इस समझौते में कोटक कथित तौर पर सिंगल की मां के साथ साझेदारी में था। पिछले साल कपूर को पता चला कि कोटक सस्ते दामों पर अन्य स्रोतों से कच्चा माल खरीद रहा था, जो उनके समझौते का उल्लंघन था। कपूर ने समझौते को खत्म करने का विकल्प चुना, लेकिन कोटक ने उन्हें 1.6 करोड़ रुपये में फ्रेंचाइजी वापस खरीदने के लिए मजबूर किया, जो मूल कीमत 25 लाख रुपये से छह गुना अधिक थी।इसके बाद कपूर को आयकर और खाद्य सुरक्षा विभाग से कई नोटिस मिलने लगे। कपूर का आरोप है कि सिंगल ने इन नोटिसों को रद्द करने के लिए 45 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद कपूर ने CBI से संपर्क किया, जिसके परिणाम स्वरूप यह कार्रवाई हुई।
CBI की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
CBI ने इस मामले में 31 मई 2025 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज किया था। सिंगल और कोटक को गिरफ्तार करने के बाद, दोनों को चंडीगढ़ की एक सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। CBI ने कहा कि जांच अभी जारी है और इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार पर सख्ती की जरूरत
यह मामला एक बार फिर सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त कानून, पारदर्शी व्यवस्था और कड़ी निगरानी की जरूरत है। एक वरिष्ठ IRS अधिकारी का इस तरह के भ्रष्टाचार में शामिल होना बेहद चिंताजनक है। इससे आम जनता का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा कम होता है।
CBI इस मामले में गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह रिश्वतखोरी का एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसमें और लोग शामिल हो सकते हैं। सिंगल और कोटक से पूछताछ जारी है, और जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।



