लखनऊ, 26 मई। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पिपराइच कस्बे के बरईपार गांव में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक अवैध फैक्ट्री पर छापेमारी कर नकली पनीर बनाने का भंडाफोड़ किया। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मंगलवार (20 मई 2025) देर शाम की गई, लेकिन आज (26 मई 2025) इसकी विस्तृत जानकारी सामने आई। इस फैक्ट्री में प्रतिदिन 35 से 55 क्विंटल नकली पनीर तैयार की जा रही थी, जिसमें दूध की जगह हानिकारक केमिकल, डिटर्जेंट, मिल्क पाउडर, पाम ऑयल, और सल्फ्यूरिक एसिड जैसे जहरीले पदार्थों का इस्तेमाल हो रहा था।छापेमारी के दौरान 2.5 क्विंटल नकली पनीर, 800 लीटर नकली दूध, और 250 किलो मिल्क पाउडर बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि इस फैक्ट्री से तैयार पनीर न केवल गोरखपुर बल्कि आसपास के जिलों में भी सप्लाई किया जाता था। एक अनुमान के मुताबिक, इस कारोबार से प्रतिदिन 1.4 लाख रुपये की कमाई हो रही थी। खाद्य विभाग ने फैक्ट्री को सील कर दिया है और नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। स्थानीय लोगों में इस खुलासे से हड़कंप मच गया है, और वे पैकेटबंद सामान खरीदने की सलाह दे रहे हैं।
इस तरह की घटनाएं कोई पहली बार नहीं हुई है, नकली खोया बेचने वाली किसी फैक्ट्री का खुलासा किया गया। इस तरह के ढेरों मामले आए दिन होते रहते हैं लेकिन हम आपको होशियार करने के लिए कम से कम इतना तो बताना जरूर चाहेंगे की असली और नकली खोए की पहचान आप खुद कैसे कर सकते हैं । हम आपको जानकारी दे रहे हैं काम आपका है कि आप इसे पढ़े या ना पड़े।
असली और नकली खोए (मावा) की पहचान करना महत्वपूर्ण है, खासकर जब बाजार में मिलावट की खबरें आम हैं। नीचे कुछ आसान और व्यावहारिक तरीके दिए गए हैं, जिनसे आप असली और नकली खोए की पहचान कर सकते हैं। यह जानकारी सामान्य अनुभव, खाद्य विशेषज्ञों की सलाह, और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है।
असली खोए की पहचान:रंग और बनावट:असली खोया हल्का क्रीम रंग का या थोड़ा पीला होता है, जो दूध को गर्म करने से आता है।इसकी बनावट मुलायम, दानेदार, और थोड़ी नम होती है। यह आसानी से उंगलियों से दबाने पर टूट जाता है, लेकिन चिपचिपा नहीं होता।इसमें हल्की मिठास और दूध की प्राकृतिक खुशबू होती है।
स्वाद:असली खोया खाने पर दूध की मलाई जैसा स्वाद देता है, बिना किसी रासायनिक या कृत्रिम स्वाद के।यह मुंह में आसानी से घुल जाता है और भारीपन महसूस नहीं होता।
गंध:असली खोए में ताजा दूध या मलाई की हल्की, सुखद गंध होती है। इसमें कोई तीखी या रासायनिक गंध नहीं होती।
पानी में घोलने पर:असली खोया पानी में पूरी तरह नहीं घुलता, बल्कि दूधिया रंग छोड़ता है और तलछट बनाता है। यह स्टार्च या अन्य मिलावटी पदार्थों की तरह चिपचिपा नहीं होता।
गर्म करने पर:असली खोया गर्म करने पर पिघलता है और एक समान, चिकना द्रव बनाता है। यह जल्दी जलता नहीं और दूध की गंध बरकरार रहती है।
नकली खोए की पहचान:रंग और बनावट:नकली खोया अक्सर बहुत सफेद या कृत्रिम रूप से चमकदार होता है, क्योंकि इसमें स्टार्च, मैदा, या वनस्पति तेल मिलाया जाता है।यह बहुत सख्त, चिकना, या रबड़ जैसा हो सकता है। बनावट में यह असमान या बहुत चिपचिपा हो सकता है।इसमें दाने कम होते हैं, और यह टच करने पर प्लास्टिक जैसा लग सकता है।
स्वाद और गंध:नकली खोया खाने पर स्वादहीन, चिपचिपा, या रासायनिक स्वाद देता है।इसमें दूध की प्राकृतिक गंध की जगह डिटर्जेंट, तेल, या अन्य रसायनों की गंध हो सकती है।
मिलावट के संकेत:नकली खोए में अक्सर स्टार्च, आलू, मैदा, वनस्पति तेल, डिटर्जेंट, या सस्ता मिल्क पाउडर मिलाया जाता है।यह सस्ता होने के कारण बाजार में कम दाम पर बिक सकता है, जो एक संदिग्ध संकेत है।
घर पर नकली खोए की जांच के तरीके:आयोडीन टेस्ट (स्टार्च की जांच):थोड़ा खोया पानी में घोलें और उसमें 2-3 बूंद आयोडीन टिंचर (फार्मेसी से उपलब्ध) डालें।अगर रंग नीला या बैंगनी हो जाता है, तो इसमें स्टार्च की मिलावट है। असली खोया रंग नहीं बदलेगा।
गर्म पानी टेस्ट:एक चम्मच खोया गर्म पानी में डालें। असली खोया पानी में दूधिया रंग छोड़ेगा और तलछट बनाएगा, जबकि नकली खोया चिपचिपा हो सकता है या पूरी तरह घुल सकता है
हाथ से रगड़ने का टेस्ट:खोए को उंगलियों के बीच रगड़ें। असली खोया हल्का तैलीय और दानेदार होगा, जबकि नकली खोया चिकना, साबुन जैसा, या पाउडरी महसूस हो सकता है।
जलाने का टेस्ट:थोड़ा खोया स्टील की चम्मच में लेकर गैस पर गर्म करें। असली खोया पिघलकर दूधिया द्रव बनेगा और दूध की गंध देगा। नकली खोया जलने पर राख छोड़ सकता है, प्लास्टिक जैसी गंध दे सकता है, या जल्दी जल सकता है।
पानी में डालने का टेस्ट:नकली खोया पानी में डालने पर तुरंत बिखर सकता है या चिपचिपा हो सकता है, जबकि असली खोया पानी में भारीपन के साथ तलछट बनाता है।
अतिरिक्त सुझाव:विश्वसनीय जगह से खरीदें: हमेशा प्रतिष्ठित दुकानों या डेयरी से खोया खरीदें, जहां गुणवत्ता की गारंटी हो। अगर पैकेट बंद खोया खरीद रहे हैं, तो FSSAI सर्टिफिकेशन और बैच नंबर जरूर देखें।मूल्य पर ध्यान दें बहुत सस्ता खोया संदिग्ध हो सकता है, क्योंकि असली खोया बनाने में लागत अधिक होती है।
स्थानीय जानकारी: गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में, जहां हाल ही में नकली पनीर और खोए की खबरें सामने आई हैं, स्थानीय खाद्य विभाग की सलाह मानें और सतर्क रहें।
ये तरीके सामान्य पहचान के लिए हैं। पक्की पुष्टि के लिए खोए के नमूने को खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा सकता है। गोरखपुर में हाल की छापेमारी (20 मई 2025) में पता चला कि नकली खोए में डिटर्जेंट और सल्फ्यूरिक एसिड जैसे हानिकारक पदार्थ मिलाए जा रहे थे, इसलिए सावधानी बरतें। यदि आपको मिलावट का शक हो, तो तुरंत स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग से संपर्क करें।



