लखनऊ,12 मई। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के ‘अवैध कब्जा मुक्त अभियान’ के तहत सरकारी जमीन और सड़कों पर बने अवैध धार्मिक स्थलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। हाल के दिनों में, पूरे प्रदेश में 350 से अधिक अवैध धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाया गया है। इनमें मस्जिदें, मजारें, मंदिर, और अन्य धार्मिक संरचनाएँ शामिल हैं, जो बिना अनुमति के सार्वजनिक भूमि या सड़कों पर बनाई गई थीं।प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी विशेष धर्म को लक्षित नहीं करती, बल्कि सभी अवैध निर्माणों को हटाने का उद्देश्य है। उदाहरण के लिए, लखनऊ, प्रयागराज, और वाराणसी में कुछ अवैध मस्जिदों और मजारों को तोड़ा गया, जो सड़कों पर यातायात में बाधा उत्पन्न कर रही थीं। इसी तरह, कानपुर और आगरा में सरकारी जमीन पर बने अवैध मंदिरों को भी हटाया गया है। गोरखपुर में एक प्रमुख सड़क पर बने मंदिर और मजार, दोनों को एक साथ ध्वस्त किया गया, ताकि सड़क चौड़ीकरण का काम पूरा हो सके।हालांकि, कुछ X पोस्ट्स में दावा किया गया कि कार्रवाई केवल मस्जिदों और मजारों पर केंद्रित है, लेकिन आधिकारिक बयानों और स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिरों सहित सभी अवैध धार्मिक संरचनाएँ इस अभियान के दायरे में हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए जाते हैं, और केवल अनधिकृत निर्माण ही हटाए जा रहे हैं।इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाना और अवैध कब्जों से सरकारी जमीन को मुक्त करना है। हालांकि, कुछ समुदायों ने इसे धार्मिक आधार पर भेदभाव का आरोप लगाया है, जिसे सरकार ने सिरे से खारिज किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून का शासन सर्वोपरि है, और कोई भी अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी धर्म से संबंधित हो। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, और प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है।



