लखनऊ, 27 मई । विश्व आपातकालीन दिवस के अवसर पर लखनऊ में आज सुबह 6:00 बजे से एक विशेष अभियान शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मज़बूत करना और ड्राइवरों को दुर्घटना के समय त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित करना है। यह अभियान लखनऊ के प्रमुख अस्पतालों, जैसे KGMU और SGPGI, के आसपास आयोजित किया गया, और इसमें सैकड़ों एम्बुलेंस ड्राइवरों और अन्य आपातकालीन कर्मियों ने हिस्सा लिया। यह पहल शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर शुरू की गई, और इसका उद्देश्य लोगों की जान बचाने में तेज़ी लाना है । जानकारी के अनुसार, इस अभियान में ड्राइवरों को प्राथमिक उपचार, CPR, और दुर्घटना स्थल पर त्वरित प्रतिक्रिया की तकनीकें सिखाई गईं। विशेषज्ञों ने ड्राइवरों को बताया कि पहले कुछ मिनट, जिन्हें “गोल्डन आवर” कहा जाता है, किसी घायल व्यक्ति की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। लखनऊ में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोग अपनी जान गँवाते हैं, और इस अभियान का लक्ष्य इन आँकड़ों को कम करना है।इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, और गैर-सरकारी संगठनों ने मिलकर काम किया। KGMU के एक डॉक्टर ने बताया कि कई बार दुर्घटना के बाद घायलों को तुरंत अस्पताल नहीं पहुँचाया जाता, जिसके कारण उनकी जान चली जाती है। इस अभियान में ड्राइवरों को यह भी सिखाया गया कि घायलों को सुरक्षित तरीके से अस्पताल तक कैसे पहुँचाया जाए। एक एम्बुलेंस ड्राइवर, मोहन लाल, ने कहा, “यह प्रशिक्षण हमारे लिए बहुत उपयोगी है। अब हम और बेहतर तरीके से लोगों की मदद कर पाएँगे।”लखनऊ के पुलिस आयुक्त ने इस अवसर पर कहा कि शहर में आपातकालीन सेवाओं को और मज़बूत करने के लिए पुलिस भी अपनी भूमिका निभाएगी। उन्होंने ट्रैफिक नियमों का पालन करने और एम्बुलेंस को रास्ता देने की अपील की। यह अभियान लखनऊ के लिए एक सकारात्मक कदम है, जो आपातकालीन सेवाओं को और प्रभावी बनाएगा।



