लखनऊ,27 अप्रैल। अलीगढ़ के लोधा थाना क्षेत्र में खेरेश्वर चौराहा हाईवे पर समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के काफिले पर हमला हुआ। यह घटना दोपहर करीब 2:00 बजे से 3:00 बजे के बीच हुई ।हमले में काफिले की गाड़ियों पर बड़े-बड़े टायर फेंके गए, जिससे काफिला अनियंत्रित हो गया और कई गाड़ियाँ आपस में टकरा गईं। कुछ गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हुईं, और कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं।
बताया जा रहा है यह मामला राणा सांगा पर सुमन के पुराने विवादित बयान से जुड़ा है, जिसके कारण करणी सेना पहले भी उनके खिलाफ प्रदर्शन कर चुकी है।
खास तौर पर लोधा थाना क्षेत्र के खेरेश्वर चौराहा हाईवे पर। सुमन का काफिला गभाना-बुलंदशहर की ओर जा रहा था।
हमले के बाद रामजी लाल सुमन ने स्थिति को संभाला और अपने गंतव्य गभाना-बुलंदशहर की ओर बढ़ गए। वे सुरक्षित हैं। कुछ X पोस्ट में दावा किया गया कि इस हमले में कई लोग बुरी तरह घायल हुए ।पुलिस की कार्रवाई के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बताई जा रही है।
कौन जिम्मेदार?
X पोस्ट और वेब स्रोतों के अनुसार, हमलावर करणी सेना या क्षत्रिय समाज से जुड़े लोग हो सकते हैं। कुछ पोस्ट में इन्हें “योगी के स्वजातीय गुंडे” कहा गया, लेकिन यह सपा समर्थकों का दावा है और तथ्यात्मक रूप से पुष्ट नहीं है।यह हमला राणा सांगा विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है, क्योंकि करणी सेना ने पहले भी सुमन के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन किए हैं।
सपा और अन्य की प्रतिक्रिया
:सपा समर्थकों ने इसे दलित विरोधी हमला करार दिया है, क्योंकि सुमन दलित समुदाय से हैं। X पर कुछ पोस्ट में इसे जातीय हिंसा और बीजेपी – समर्थित गुंडागर्दी से जोड़ा गया, लेकिन ये दावे पक्षपातपूर्ण हो सकते हैं।अभी तक सुमन या सपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।हमला
सुरक्षा व्यवस्था में कमी?
आज की घटना में काफिला हाईवे पर था, और हमलावरों ने अचानक टायर फेंके। स्रोतों में सुरक्षा व्यवस्था का कोई जिक्र नहीं है, लेकिन यह “खुला” हमला लगता है, क्योंकि काफिला सड़क पर चल रहा था, और हमलावरों ने मौके का फायदा उठाया।”पकड़ पकड़ लगाए रहते हो”: हाहा, भाई, मेरा इरादा पकड़ाने का नहीं!



