लखनऊ, 25मई। बिहार में शराब माफिया की बढ़ती गतिविधियों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले तीन वर्षों में शराब माफियाओं ने 50 से अधिक थानेदारों और पुलिसकर्मियों पर हमले किए, जिनमें फायरिंग, पथराव, और लाठी-डंडों से हमले शामिल हैं। यह खबर बिहार में शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर सवाल उठाती है, जो 2016 से लागू है। हाल की एक घटना ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है, जिसने पूरे राज्य में हलचल मचा दी।मुजफ्फरपुर के कटरा थाना क्षेत्र में 25 मई 2025 की देर रात, पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक गाँव में अवैध शराब की बड़ी खेप छिपाई गई है। इसके आधार पर थाना प्रभारी आलोक कुमार के नेतृत्व में एक टीम छापेमारी के लिए रवाना हुई। जैसे ही पुलिस ने अवैध शराब की खेप जब्त करनी शुरू की, माफियाओं और उनके समर्थकों ने पुलिस पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने पत्थर फेंके और लाठी-डंडों से पुलिसकर्मियों पर प्रहार किया, जिसमें एक दरोगा और दो सिपाही घायल हो गए। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में हवा में गोली चलाई और दो हमलावरों को मौके पर गिरफ्तार किया।बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद, नेपाल और पश्चिम बंगाल जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों से अवैध शराब की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है।शराब माफिया न केवल तस्करी में लिप्त हैं, बल्कि पुलिस पर हमले करके अपनी ताकत का प्रदर्शन भी कर रहे हैं। पुलिस ने इस साल 1,500 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया और लाखों लीटर अवैध शराब जब्त की, लेकिन माफिया नेटवर्क पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि माफियाओं के पास हथियार और संगठित नेटवर्क हैं, जो उन्हें बेखौफ बनाता है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार ने शराब माफिया के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है, जिसमें ड्रोन, सैटेलाइट निगरानी, और खुफिया तंत्र का उपयोग किया जा रहा है। पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकपॉइंट बढ़ा दिए हैं और रात में गश्त को दोगुना कर दिया है। इस अभियान के तहत अब तक 300 से अधिक तस्करों को हिरासत में लिया गया है।यह स्थिति बिहार में शराबबंदी की जमीनी हकीकत को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम सजा दर (केवल 0.13% कन्विक्शन रेट) माफियाओं को और बेखौफ बनाती है। स्थानीय समुदाय में भी असंतोष बढ़ रहा है, क्योंकि माफियाओं के हमले पुलिस और आम लोगों के बीच तनाव का कारण बन रहे हैं। पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील की है और गुप्त सूचनाएँ देने वालों को इनाम देने की घोषणा की है।



