लखनऊ, 28 मई । उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कोरोना वायरस ने चिंता बढ़ा दी है। नोएडा में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है।
नोएडा में बीते 24 घंटों में चार नए कोविड-19 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, जिसके बाद जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। इनमें 11 महिलाएं और 8 पुरुष शामिल हैं। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है, जहां 27 मई 2025 को एक बुजुर्ग व्यक्ति में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। यह स्थिति संकेत दे रही है कि कोरोना धीरे-धीरे फिर से राज्य में पैर पसार सकता है।
नोएडा में बढ़ते मामले और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
नोएडा में कोविड-19 के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है। नोएडा में एक्टिव मरीजों की संख्या 19 तक पहुंच गई है। इनमें से अधिकांश मरीज बिसरख ब्लॉक की विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों के हैं। नए मामलों में छह महिलाएं शामिल हैं, जिनमें से एक 55 वर्षीय महिला का मामला पहले 25 मई को सामने आया था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है, और उनकी स्थिति स्थिर है। मरीजों में सर्दी, जुकाम, और हल्की खांसी जैसे लक्षण देखे गए हैं, जो मौसम में बदलाव या कोविड-19 के नए वैरिएंट JN.1 से संबंधित हो सकते हैं।स्वास्थ्य विभाग ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री की जांच शुरू कर दी है। एक मरीज हाल ही में चेन्नई से लौटा था, लेकिन बाकी मरीजों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं मिली है। डिप्टी सीएमओ अमित कुमार ने बताया कि पहली मरीज के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए नमूना नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) को भेजा गया है ताकि वैरिएंट की पुष्टि हो सके। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि इस बार का कोविड गंभीर नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है। लोगों से मास्क पहनने, सैनिटाइजर का उपयोग करने, और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने की अपील की गई है।
कोविड से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 8766367005 जारी किया गया है।हालांकि, एक चिंताजनक बात यह है कि नोएडा के जिला अस्पताल में अभी तक कोविड टेस्टिंग की सुविधा शुरू नहीं हुई है। नए मामले निजी लैब में जांच के बाद सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जल्द ही जिला अस्पताल में एंटीजन टेस्टिंग कैंप लगाने की बात कही है। विशेषज्ञों का कहना है कि JN.1 वैरिएंट तेजी से फैलने वाला है, लेकिन इसके लक्षण हल्के हैं। जिन लोगों ने छह महीने से अधिक समय पहले वैक्सीन की आखिरी डोज ली है, उन्हें बूस्टर डोज लेने की सलाह दी गई है।



