लखनऊ, 11 जून । ईरान ने तीन भारतीय नागरिकों—हुशनप्रीत सिंह (25, संगरूर, पंजाब), जसपाल सिंह (28, एसबीएस नगर, पंजाब), और अमृतपाल सिंह (23, होशियारपुर, पंजाब)—को रिहा कर अपनी मानवीय और कूटनीतिक ताकत दिखाई। ये युवक 1 मई 2025 को तेहरान के इमाम खुमैनी हवाई अड्डे पर लापता हो गए थे। फिरोजपुर के ट्रैवल एजेंट गुरप्रीत सिंह (35) ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया में नौकरी का झांसा देकर 20 लाख रुपये प्रति व्यक्ति लेकर 30 अप्रैल को दिल्ली से तेहरान भेजा था।5 मई को परिजनों को 1 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग आई। भारतीय दूतावास ने ईरान के कांसुलर विभाग से संपर्क किया। तेहरान पुलिस ने 10 मई से अभियान शुरू किया और 3 जून को वरमिन, दक्षिणी तेहरान के एक गोदाम से तीनों को छुड़ाया। चार अपहरणकर्ता—मोहम्मद रजा (38), अली हसन (42), हुसैन अब्बासी (35), और एक अज्ञात व्यक्ति—गिरफ्तार हुए। यह मानव तस्करी गिरोह कराची, पाकिस्तान से संचालित था।4 जून को तीनों को भारतीय दूतावास, तेहरान सौंपा गया। स्वास्थ्य जांच के बाद, वे 12 जून को दिल्ली लौटेंगे। हुशनप्रीत के पिता गुरमेल सिंह (55) ने कहा, “ईरान ने हमारे बेटे को बचाया।” लखनऊ के प्रो. अनिल शर्मा (50, हजरतगंज) ने कहा, “यह भारत-ईरान संबंधों की मजबूती दर्शाता है।” विदेश मंत्रालय के रणधीर जायसवाल (48) ने ईरान की तारीफ की।



