लखनऊ, 10 मई। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाई अलर्ट जारी किया गया है। यह कदम 9 मई की रात 3:00 बजे से शुरू हुए ताजा घटनाक्रमों के बाद उठाया गया, जिसमें पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी तेज की। सुरक्षा एजेंसियों की अलर्ट रिपोर्ट के आधार पर लखनऊ पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर कड़ा कर दिया है।शहर के सभी प्रमुख चौराहों, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों, और संवेदनशील क्षेत्रों में चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। ये चेक पोस्ट सीमा क्षेत्रों की तर्ज पर विकसित किए गए हैं, जहां AK-47 राइफल्स, बुलेटप्रूफ जैकेट्स, और वायरलेस सिस्टम से लैस पुलिसकर्मी तैनात हैं। NH-27, NH-30, NH-24, और सुलतानपुर, बाराबंकी, कानपुर, सीतापुर, उन्नाव जैसे मार्गों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। लखनऊ पुलिस ने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं, और डिप्टी एसपी से लेकर कॉन्स्टेबल तक शिफ्टों में चौकसी कर रहे हैं।पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध व्यक्तियों या वस्तुओं की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने को दें। लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और 15 अन्य हवाई अड्डों के साथ-साथ यहाँ उड़ानें 15 मई तक निलंबित हैं। नेपाल सीमा पर भी पलिया, गौरीफंटा, और चंदन चौकी जैसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है, और उत्तर प्रदेश किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।” शहर के अस्पतालों, जैसे KGMU और संजय गांधी PGI, में 200 बेड आरक्षित किए गए हैं, और त्वरित प्रतिक्रिया टीमें गठित की गई हैं।



