लखनऊ, 10 मई। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने लखनऊ के सांस्कृतिक परिदृश्य को गहराई से प्रभावित किया है। ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पर जारी गोलीबारी के बाद सुरक्षा कारणों से शहर में कई प्रमुख सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। ये कार्यक्रम लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आयोजित होने वाले थे, लेकिन मौजूदा हालात ने इन्हें अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया। प्रमुख रूप से, लखनऊ महोत्सव आखिरी बार 2018 में आयोजित हुआ था। इसके बाद से यह महोत्सव लगातार स्थगित होता रहा है। 2019, 2020, और 2021 में कोविड-19 महामारी के कारण महोत्सव को स्थगित कर दिया गया। इस दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी प्रतिबंधों ने बड़े आयोजनों को रोक दिया।
फरवरी 2020 में डिफेंस एक्सपो के आयोजन के कारण भी महोत्सव की तैयारियों को टाल दिया गया था।2022 और 2023 के इन वर्षों में “अपरिहार्य कारणों” का हवाला देकर आयोजन नहीं किया गया। 2023 में 25 नवंबर से 5 दिसंबर तक आयोजन प्रस्तावित था, लेकिन अंतिम समय में इसे रद्द कर दिया गया। 2025 में लखनऊ महोत्सव के आयोजन 10 मई को होना प्रस्तावित था लेकिन इस बार भारत पाकिस्तान युद्ध के कारण स्थगित कर दिया गया।
इस महोत्सव में सूफी संगीत, कथक नृत्य, और अवधी व्यंजनों के स्टॉल के साथ-साथ स्थानीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी की योजना थी। आयोजकों ने बताया कि यह निर्णय प्रशासन के निर्देश पर लिया गया, क्योंकि बड़े आयोजनों में सुरक्षा सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण है।दूसरा प्रमुख आयोजन, अवध संगीत समारोह, जो हजरतगंज के संगीत नाटक अकादमी में 11-12 मई को होना था, भी रद्द कर दिया गया। इस समारोह में पंडित जसराज और शुभा मुद्गल जैसे शास्त्रीय संगीतकारों के प्रदर्शन प्रस्तावित थे। आयोजकों ने कहा, “वर्तमान परिस्थितियों में दर्शकों और कलाकारों की सुरक्षा प्राथमिकता है।”इसके अलावा, बॉलीवुड फिल्म ‘शौर्य’ की शूटिंग, जो चारबाग और कैसरबाग क्षेत्रों में 10 मई से शुरू होने वाली थी, को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया। इस फिल्म में एक युद्ध-थीम आधारित कहानी है, और सुरक्षा कारणों से निर्माताओं ने शूटिंग स्थगित करने का फैसला लिया।लखनऊ के रंगमंच समूह नवांकुर द्वारा आयोजित नाटक ‘सीमा के साये’, जो भातखंडे सांस्कृतिक केंद्र में 12 मई को प्रस्तुत होना था, भी रद्द कर दिया गया। यह नाटक युद्ध और शांति के विषय पर आधारित था, लेकिन आयोजकों ने इसे स्थगित कर शांति की अपील जारी की।स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संगठनों ने सोशल मीडिया पर शांति और एकजुटता का संदेश फैलाने के लिए अभियान शुरू किया है। मशहूर कथक नर्तकी शालिनी शर्मा ने कहा, “कला शांति का माध्यम है, और हम चाहते हैं कि यह तनाव जल्द खत्म हो।” लखनऊ वासियों को उम्मीद है कि स्थिति सामान्य होने पर ये आयोजन फिर से शुरू होंगे।



