लखनऊ, 31 जुलाई ।बांग्लादेश के चटगांव और ढाका में पैगंबर मोहम्मद पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के बाद हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। कई मंदिरों और हिंदू परिवारों के घरों पर हमले की खबरें हैं।
भारत के विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और बांग्लादेश सरकार से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद करते हैं।”
मानवाधिकार संगठनों ने इस हिंसा की निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है। बांग्लादेश पुलिस ने 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि जिन अपराधिक प्रवृत्ति के हिंदुओं ने मोहम्मद साहब पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है उनके विरुद्ध अभी तक भारत सरकार की ओर से कोई आलोचना नहीं की है । यदि हिंदुस्तान में रहने वाले मुसलमान हिंदू धर्म या रामचंद जी के विरुद्ध कोई आपत्तिजनक टिप्पणी करेंगे तो लोग उनके विरुद्ध भी वही करेंगे जो श्रीलंका में हुआ है।
यही हाल इस वक्त सोशल मीडिया पर भारत में चल रहा है, पैगंबर मोहम्मद साहब और उनकी आल पर जमकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं, जिसके जवाब भी आपत्तिजनक दिए जा रहे हैं। इस वक्त एक बहुत बड़ा ग्रुप सोशल मीडिया पर फसाद करने की नीयत से सक्रिय है ,जो बिना किसी वजह के मुस्लिम समाज के प्रेरणा स्रोत लोगों के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां निरंतर कर रहे है । यदि इस पर भी लगाम नहीं लगाई गई तो हिंदुस्तान में भी धार्मिक उन्माद फैलना शुरू हो जाएंगे।



