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धीरेन्द्र शास्त्री के बयान “महाकुंभ में नहीं आने वाला देशद्रोही है ” पर हाइकोर्ट सख्त,20 मई को हाज़िर होने का दिया निर्देश

लखनऊ 17 मई। हाल ही में एक पोस्ट में धीरेंद्र शास्त्री का एक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश को लेकर कहा, “महाकुंभ में नहीं आने वाले देशद्रोही हैं।” इस बयान पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया और 16 मई 2025 को नोटिस जारी कर उन्हें 20 मई को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया। इससे पहले, शास्त्री के इस बयान की शिकायत एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने दर्ज की थी, जिसमें उन्होंने इस बयान को सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाला बताया। कोर्ट ने शिकायत का हवाला देते हुए शास्त्री को अपने समक्ष पेश होने का निर्देश दिया। यह बयान उनके विवादित व्यक्तित्व को फिर से चर्चा में ला रहा है, खासकर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कथित तौर पर नफरत फैलाने के आरोपों के चलते।पिछले दो सालों में धीरेंद्र शास्त्री ने कई ऐसे बयान दिए, जो धार्मिक आधार पर तनाव बढ़ाने वाले माने गए। उनके खिलाफ कई कानूनी शिकायतें दर्ज हुईं।शास्त्री की इन गतिविधियों ने न केवल सामाजिक तनाव को बढ़ाया, बल्कि उन्हें कानूनी पचड़ों में भी डाला। उनके खिलाफ कई मामले कोर्ट में चल रहे हैं, जिसमें से एक में अब उन्हें 20 मई को पेश होने का नोटिस मिला है। उनके बयानों को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने भी आवाज उठाई है, जिसमें कहा गया कि वे संविधान के समानता के सिद्धांत का उल्लंघन करते हैं।धीरेंद्र शास्त्री का यह रवैया न केवल धार्मिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि समाज में जातिवाद और नफरत को भी बढ़ावा दे रहा है। उनके बयानों ने युवाओं को गलत दिशा में प्रभावित करने का काम किया है। ऐसे में, यह जरूरी है कि कानून अपना काम करे और समाज में शांति बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

धीरेंद्र शास्त्री ने पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे बयान दिए हैं, जो मुस्लिम समुदाय के खिलाफ माने गए हैं और इन बयानों ने विवाद को जन्म दिया है। उनके कुछ प्रमुख बयानों को स्रोतों के आधार पर संक्षेप में प्रस्तुत किया जा रहा है:महाकुंभ में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने की बात: धीरेंद्र शास्त्री ने 2024 में कहा था कि महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों में गैर-हिंदुओं, खासकर मुसलमानों, का प्रवेश नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे “मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है?” कहकर व्यक्त किया। इस बयान पर ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड के काजी अजमत शाह मक्की ने आपत्ति जताई, और इसे नफरत फैलाने वाला बताया।

मुसलमानों पर आबादी बढ़ाने का आरोप: 2024 में एक इंटरव्यू में शास्त्री ने कहा कि मुसलमान ज्यादा बच्चे पैदा करके अपनी आबादी बढ़ा रहे हैं, जिसके जवाब में उन्होंने हिंदुओं को भी ज्यादा बच्चे पैदा करने की सलाह दी। उन्होंने दावा किया कि वे खुद 14 बच्चे पैदा करेंगे ताकि हिंदू धर्म की रक्षा हो सके। यह बयान हिंदी खबर के संपादक को दिए गए साक्षात्कार में सामने आया।मूत्र कांड और थूक कांड का आरोप: 2024 में एक बयान में शास्त्री ने कहा कि वे मुसलमानों को अपनी धार्मिक सभाओं में नहीं चाहते क्योंकि वे “मूत्र कांड और थूक कांड” करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हिंदू मस्जिद या दरगाह में जाएं, तो मुसलमान उन्हें चप्पलों से पीटने के लिए स्वतंत्र हैं। इस बयान को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया।लव जिहाद और हवस का मौलवी: 2024 में शास्त्री ने “लव जिहाद” की साजिश का प्रचार करते हुए कहा, “हवस का पुजारी सुना है, हवस का मौलवी नहीं।” उन्होंने हिंदुओं को ऐसी साजिशों से सावधान रहने की सलाह दी और कहा कि हिंदुओं की सबसे बड़ी गलती ऐसी साजिशों को स्वीकार करना है।

मस्जिदों को पुनः प्राप्त करने की बात: 2024 में ओरछा में सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के दौरान शास्त्री ने हिंदुओं को “कट्टर” बनने की सलाह दी और कहा कि मस्जिदें, जो पहले मंदिर थीं, उन्हें पुनः प्राप्त करना चाहिए। इस बयान को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ उकसाने वाला माना गया।बांग्लादेश के हिंदुओं को सड़कों पर उतरने की अपील: 2024 में शास्त्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का जिक्र करते हुए कहा कि अगर हिंदू सड़कों पर नहीं उतरे, तो उनके मंदिर मस्जिदों में तब्दील हो जाएंगे। उन्होंने हिंदुओं को एकजुट होने और “कायर” न बनने की सलाह दी।हिंदू राष्ट्र की मांग और मुस्लिम विरोधी बयान: 2023 में शास्त्री ने कहा था, “तुम मेरा साथ दो, हम हिंदू राष्ट्र बनाएंगे।” इस दौरान उन्होंने मुसलमानों को अप्रत्यक्ष रूप से निशाना बनाया और हिंदुओं को चूड़ियाँ पहनकर घर में न बैठने की बात कही। यह बयान बीबीसी और न्यूज़18 इंडिया में दर्ज है।

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