देश में धार्मिक पर्यटन का नया रिकॉर्ड, नौ वर्षों में 156 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन का दावा
लखनऊ, 20 जून। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को लेकर एक नया और बड़ा आंकड़ा सामने आया है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पिछले नौ वर्षों के दौरान राज्य में लगभग 156 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया है। सरकार इसे अपनी पर्यटन और धार्मिक विकास नीतियों की बड़ी सफलता बता रही है, जबकि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस आंकड़े को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2017 से अब तक अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, विंध्याचल, नैमिषारण्य, चित्रकूट तथा अन्य धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसी का परिणाम बताया जा रहा है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तर प्रदेश पहुंच रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के निर्माण और उसके बाद श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के बाद वाराणसी आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ और अन्य धार्मिक आयोजनों ने भी प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान दिलाई है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। होटल उद्योग, परिवहन व्यवसाय, स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और छोटे कारोबारियों को इसका सीधा लाभ मिला है। सरकार का दावा है कि धार्मिक पर्यटन के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक पर्यटन अब केवल आस्था का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह आर्थिक विकास का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे शहरों में बुनियादी ढांचे के विकास, सड़कों के चौड़ीकरण, रेलवे और हवाई सेवाओं के विस्तार तथा आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता ने यात्रियों को आकर्षित किया है। प्रदेश सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा देने के लिए कई नई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें धार्मिक सर्किटों का विकास, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार तथा डिजिटल सेवाओं को मजबूत करना शामिल है। हालांकि विपक्ष ने सरकार के दावों पर सवाल भी उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि केवल आंकड़े प्रस्तुत करने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होती और सरकार को रोजगार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए। इसके बावजूद यह तथ्य स्वीकार किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह वृद्धि इसी प्रकार जारी रही तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विश्व के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो सकता है। वर्तमान में राज्य सरकार इसी दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य करती दिखाई दे रही है।
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