लखनऊ,27 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई राहवीर योजना को उत्तर प्रदेश में लागू कर दिया गया है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को गोल्डन ऑवर (दुर्घटना के एक घंटे के भीतर) अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने वाले मददगार नागरिकों को ₹25,000 तक की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। यह योजना पूरे उत्तर प्रदेश, जिसमें लखनऊ भी शामिल है, में 27 मई 2025 से प्रभावी हो चुकी है।
योजना का उद्देश्य
राहवीर योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की समय पर मदद सुनिश्चित करना और आम नागरिकों को बिना किसी डर के आपातकालीन स्थिति में सहायता करने के लिए प्रोत्साहित करना है। गोल्डन ऑवर में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से घायल व्यक्ति की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। यह योजना लोगों के मन से उस डर को हटाने का प्रयास करती है, जिसमें वे पुलिस पूछताछ या कानूनी पचड़ों के डर से घायलों की मदद करने से हिचकिचाते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मदद करने वाले व्यक्तियों को पुलिस द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा।
योजना की मुख्य विशेषताएं
प्रोत्साहन राशि:सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को ₹25,000 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।इसके साथ ही, मददगार को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाएगा ताकि उनके नेक कार्य को सम्मान मिले।राष्ट्रीय स्तर पर सबसे योग्य 10 राहवीरों को ₹1 लाख का अतिरिक्त पुरस्कार भी दिया जाएगा।
कोई भी व्यक्ति जो दुर्घटना में घायल व्यक्ति को बिना किसी वित्तीय लाभ या पुरस्कार की उम्मीद के गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाता है, इस योजना के लिए पात्र होगा।एक व्यक्ति अधिकतम पांच बार इस पुरस्कार को प्राप्त कर सकता है।
प्रक्रिया
मददगार को घायल व्यक्ति को तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा पर कॉल करना होगा या सीधे अस्पताल पहुंचाना होगा।अस्पताल द्वारा पुलिस को सूचित किया जाएगा, और पुलिस जिला कलेक्टर को इसकी जानकारी देगी। इसके बाद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।पुरस्कार राशि का वितरण जिला परिवहन पदाधिकारियों या संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से होगा।पुलिस उत्पीड़न से सुरक्षा:सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि मदद करने वाले व्यक्तियों को पुलिस द्वारा किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा, जिससे लोग बिना डर के मदद के लिए आगे आएं।
उत्तर प्रदेश में लागू होने की घोषणा
27 मई 2025 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना को पूरे राज्य में लागू करने की घोषणा की। यह योजना केंद्र सरकार की पहल का हिस्सा है, जिसे मध्य प्रदेश में पहले ही लागू किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की निगरानी और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं।
योजना का महत्व
सड़क दुर्घटनाओं में गोल्डन ऑवर के दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता से मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, समय पर इलाज न मिलने के कारण कई लोग जान गंवाते हैं। यह योजना आम लोगों में मानवता और सहायता की भावना को बढ़ावा देगी। पहले केंद्र सरकार ने 2021 में ₹5,000 का पुरस्कार शुरू किया था, जिसे अब बढ़ाकर ₹25,000 किया गया है।
पीड़ितों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम 2025 भी शुरू
केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम 2025 भी शुरू की है, जिसके तहत घायलों को दुर्घटना के 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जाएगा। यह योजना राहवीर योजना के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सहायता को और मजबूत करेगी।
राहवीर योजना उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल लोगों को समय पर मदद करने के लिए प्रेरित करेगी, बल्कि समाज में मानवता और सहानुभूति को भी बढ़ावा देगी। लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में लागू इस योजना से घायलों की जान बचाने में मदद मिलेगी और मददगार नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा।



