लखनऊ 29 जुलाई। लखनऊ में मोहर्रम के महीने की शुरुआत होते ही जहां अशरा ए मजालिस का सिलसिला शुरू रहता है वही मुख्तलिफ इबादत गाहों और आज़खानों में हजरत इमाम हुसैन की याद में मजलिस नौहे वा सलाम का सिलसिला जारी रहता है। इसी सिलसिले में लखनऊ के अंजुमन हाए मातमी दस्ते तरही और ग़ैर तरही शब्बेदारियों का इनएक़ाद करते है।
ये सिलसिला पिछले 15 दिनों से शुरू हो चुका है । इस बीच लखनऊ में किसी अंजुमन ने डेढ़ सौ साला प्रोग्राम मुनक्किद किया तो किसी अंजुमन ने सिर्फ सालाना शब्बेदारियां की।
लेकिन लखनऊ की एक मशहूर और मअरूफ अंजुमन शहीदान ए कर्बला का कल से 50 सालाह प्रोग्राम शुरू हो रहा है। इस 50 सालाह शब्बेदारी के कल 4 सफर मुताबिक़ 30 जुलाई के पहले दिन मुसालमा मुनअक़्क़िद किया गया है। जबकि 5 सफर मुताबिक़ 31 जुलाई से अंजुमन की तरही शब्बेदारी शुरू होगी। अंजुमने जिस तरही मिसरे में सलाम पेश करेंगी वो मिसरा मुंदरजा ज़ेल है।
ग़में शब्बीर का मौसम हमेशा एक जैसा है।
इसमें हमेशा काफिया रखा गया है जबकि इसकी रदीफ एक जैसा तय की गई है।
अंजुमन के जनरल सेक्रेटरी फिरोज अली ने बताया कि अंजुमन की शब्बेदारी के 50 बरस मुकम्मल होने पर इस साल अजीमुश्शान तरही शब्बेदारी शबीहे नजफ रुस्तम नगर में कल 4 सफर मुताबिक़ 30 जुलाई से शुरू हो रही है।

इस शब्बेदारी का आग़ाज़ कल गैर तरही मसालमें से होगा। मसालमें से क़ब्ल मजलिस को अली जनाब मौलाना सय्यद अब्बास इरशाद नकवी ने खिताब करेंगे। मजलिस के फौरन बाद मशहूर शायर बारगाहे अहलेबैत अस में अपना कलाम पेश करेंगे। निजामत के फ़राएज़ मौलाना सदफ जौनपुरी व डॉक्टर नय्यर जलालपुरी अंजाम देंगे। 5 सफर से 7 सफर तक होने वाली शब्बेदारी अंदरूने शबीहे बैतूल हुज़्न में होगी,जिसमें कुल 16 अंजुमन शिरकत करेंगी।
8 सफर को अलविदाई मजलिस मुनअक्किद होगी जिसमे 2 अंजुमने नौहे वा सलाम पेश करेंगी। इसके बाद अंजुमन शहीदाने कर्बला का अलम ए मुबारक बरामद होगा । अंजुमनों की तरतीब के लिए कल 5:00 बजे कुराआनदाज़ी की जाएगी।



