लखनऊ, 30 मई । उत्तर प्रदेश के बस्ती शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के आवास विकास मोहल्ले में प्रशासन द्वारा एक प्राचीन काली माता मंदिर पर बुलडोजर चलाए जाने से हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया है। इस कार्रवाई में मंदिर पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जिसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई फोर-लेन सड़क निर्माण के लिए की गई थी, और मंदिर की मूर्तियों को स्थानीय लोगों की सहमति से दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन ने मंदिर को हटाने का फैसला लिया था। प्रशासन का दावा है कि इसकी जानकारी पुजारी और स्थानीय लोगों को दी गई थी, और मूर्तियों को सम्मानपूर्वक दूसरी जगह ले जाया गया। लेकिन हिंदू संगठनों का कहना है कि यह कार्रवाई बिना उचित परामर्श के की गई, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
हिंदू संगठनों के आक्रोश के बीच कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सड़क चौड़ीकरण जैसे जनहित के कार्यों के लिए धार्मिक स्थलों को हटाना पड़ता है, तो सभी समुदायों को सहयोग करना चाहिए। नारेबाजी और विरोध से सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है।प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हिंदू संगठनों के साथ बातचीत शुरू की है और मंदिर के लिए वैकल्पिक स्थान प्रदान करने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों और विकास परियोजनाओं के बीच संतुलन के सवाल को उठाया है।



