लखनऊ,1 जून । लखनऊ में आज सुबह एक 70 वर्षीय महिला में कोविड-19 के नए सब-वैरिएंट JN.1 की पुष्टि हुई। यह उत्तर प्रदेश में इस सब-वैरिएंट का पहला पुष्ट मामला है, जिसने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है। मरीज को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है, और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश में 12 नए कोविड मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 3 लखनऊ से हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट जारी किया है, और टेस्टिंग व कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज कर दी गई है। JN.1 सब-वैरिएंट, जो ओमिक्रॉन का एक रूप है, को अत्यधिक संक्रामक माना जा रहा है, हालाँकि इसके लक्षण सामान्य कोविड से मिलते-जुलते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बुखार, खांसी, और साँस लेने में तकलीफ इसके प्रमुख लक्षण हैं।
लखनऊ में मास्क और सामाजिक दूरी के नियमों को फिर से लागू करने पर विचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने और वैक्सीन की बूस्टर डोज लेने की अपील की है। KGMU के विशेषज्ञ डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि JN.1 के प्रसार को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में कोविड के कुल सक्रिय मामले अब 50 के करीब हैं। लखनऊ के अलावा, कानपुर और वाराणसी में भी नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने टेस्टिंग किट्स की उपलब्धता बढ़ाने और अस्पतालों में कोविड वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार ने भी राज्यों को सतर्क रहने को कहा है। लखनऊ में पिछले सप्ताह से टेस्टिंग में 20% की वृद्धि हुई है, और स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों व कार्यालयों में जागरूकता अभियान शुरू किया है।
यह खबर लखनऊ वासियों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि शहर में पहले भी कोविड की लहरों ने प्रभाव डाला था। स्थानीय प्रशासन ने बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है।



