लखनऊ,2 मई। कल 3 मई को दिल्ली में विश्व-प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन की स्मृति में एक विशेष संगीतमय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन 15 दिसंबर 2024 को सैन फ्रांसिस्को में इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस के कारण हुआ था। उनके निधन से संगीत जगत में एक बड़ा खालीपन आ गया था, और उनकी स्मृति में देश-विदेश में कई आयोजन हो रहे हैं। दिल्ली का यह कार्यक्रम, जो सांस्कृतिक संगठन “संगीत नाटक अकादमी” द्वारा आयोजित किया जा रहा है, संगीत प्रेमियों के लिए एक भावपूर्ण अनुभव होगा।यह आयोजन दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में शाम 6:30 बजे शुरू होगा। इसमें उस्ताद जाकिर हुसैन के समकालीन और शिष्य शामिल होंगे। कार्यक्रम में उनके मशहूर प्रदर्शनों जैसे “तबला डुएट” और “राग यमन” को पुनः प्रस्तुत किया जाएगा। उनके लंबे समय के सहयोगी, सितार वादक उस्ताद शाहिद परवेज और बांसुरी वादक राकेश चौरसिया, इस अवसर पर अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा, युवा तबला वादक आदित्य नारायण और उनकी बेटी अनीसा कुरैशी भी एक विशेष प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उस्ताद जाकिर हुसैन के संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।उस्ताद जाकिर हुसैन ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दी थी। उनके शक्ति बैंड, जिसमें जॉन मैकलॉघलिन के साथ उनकी जुगलबंदी शामिल थी, ने भारतीय और पश्चिमी संगीत के बीच एक अनोखा संगम प्रस्तुत किया। उन्होंने चार ग्रैमी पुरस्कार जीते, जिसमें 2024 में तीन ग्रैमी शामिल थे। भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री (1988), पद्म भूषण (2002) और पद्म विभूषण (2023) से सम्मानित किया था।संगीत प्रेमी उन्हें “वैश्विक तबला आइकन” के रूप में याद कर रहे हैं। इस आयोजन से पहले, कोलकाता में मार्च 2025 में कोलकाता इंटरनेशनल ड्रम फेस्टिवल में भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई थी। संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष ने कहा, “उस्ताद जाकिर हुसैन का संगीत हमेशा जीवित रहेगा। यह आयोजन उनकी सांस्कृतिक विरासत को संजोने का एक प्रयास है।”



