नोएडा-लखनऊ में 50,000 नौकरियां
लखनऊ,30 सितंबर। लखनऊ में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में जैव प्रौद्योगिकी विभाग और यूपी सरकार के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते का उद्देश्य राज्य में बायोटेक हब विकसित करना है, जिससे फार्मास्यूटिकल निर्यात को बढ़ावा मिले। मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारत का फार्मा निर्यात 27 अरब डॉलर है, जो इस वर्ष 30 अरब को पार कर जाएगा। यूपी में नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों में बायोटेक पार्क स्थापित होंगे, जहां 50,000 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम COVID के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन भूमि अधिग्रहण और फंडिंग में देरी चुनौतियां बनी हुई हैं। शाम 3 बजे सीएम योगी ने वर्चुअल मीटिंग में कहा कि 2047 तक यूपी का GDP 6 ट्रिलियन डॉलर होगा, और यह इसमें योगदान देगा। पार्क में रिसर्च लैब, स्टार्टअप इंक्यूबेटर और ट्रेनिंग सेंटर शामिल होंगे। उद्योगपतियों ने 1,000 करोड़ का निवेश का वादा किया। यह समझौता यूपी को बायोटेक हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर है, जहां 10 वर्षों में 2 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य है।



