लखनऊ, 29 मई। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सियार, लोमड़ी और मधुमक्खियों के हमलों को ‘राज्य आपदा’ की श्रेणी में शामिल करने की घोषणा की है। इस फैसले के तहत अब इन हमलों में जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाएगा, जबकि घायलों का इलाज सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क होगा। इस प्रस्ताव को राज्य कार्यकारिणी समिति ने मंजूरी दे दी है, और जल्द ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह निर्णय हाल की घटनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है, जहां बहराइच, पीलीभीत और ललितपुर जैसे जिलों में सियार, लोमड़ी और मधुमक्खियों के हमलों में कई लोग घायल हुए या उनकी मृत्यु हो गई। उदाहरण के लिए, ललितपुर के देवगढ़ में मधुमक्खियों के हमले में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कमलाकांत पांडेय सहित नौ अधिकारी घायल हुए थे। वहीं, पीलीभीत में सियारों ने सात बच्चों समेत 12 लोगों को घायल किया, और बहराइच में पिछले साल सियार और मधुमक्खी के हमलों में आठ बच्चों और एक महिला की जान गई थी।
मुआवजे और इलाज की प्रक्रिया
सरकार ने मुआवजे की प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाया है। पीड़ित परिवार 1070 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके या जिला कलेक्टर (डीएम) अथवा अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को सूचित करके मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं। तहसील स्तर की जांच के बाद 24 से 72 घंटे के भीतर मुआवजा राशि जारी करने का प्रावधान है। मृत्यु के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट होना अनिवार्य है। घायलों के लिए सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।पहले से शामिल आपदाएं
वर्तमान में उत्तर प्रदेश की राज्य आपदा सूची में बेमौसम बारिश, आकाशीय बिजली, सर्पदंश, नीलगाय और सांड के हमले जैसी घटनाएं शामिल हैं। अब सियार, लोमड़ी और मधुमक्खियों के हमलों को भी इस सूची में जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण और वनवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां ऐसी घटनाएं आम हैं।
प्रभाव और महत्व
यह निर्णय खासकर उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां जंगली जानवरों और कीटों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। यह कदम न केवल पीड़ितों को आर्थिक और चिकित्सीय सहायता प्रदान करेगा, बल्कि ग्रामीण समुदायों में सुरक्षा और विश्वास को भी बढ़ाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और प्रभावित लोगों को त्वरित राहत प्रदान करने में मददगार साबित होगा। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने सुबह 9:45 बजे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और 10:30 बजे उत्तर प्रदेश सरकार और मोनाश यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया के बीच एमओयू हस्ताक्षर समारोह में भाग लिया। इसके अलावा, दोपहर में वे वीरांगना अहिल्याबाई होलकर की जन्म त्रिशताब्दी के अवसर पर प्रदर्शनी और महिला सम्मेलन में शामिल हुए।यह फैसला उत्तर प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और जनहित में त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग इस कदम को राहतकारी मान रहे हैं, क्योंकि यह उनकी सुरक्षा और आर्थिक सहायता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है।



