लखनऊ,24 अगस्त। अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए उस विधेयक पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें प्रावधान है कि किसी भी मुख्यमंत्री या मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों के आधार पर पद से हटना होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा, “हमारे मुख्यमंत्री जी को यह बात पहले से पता थी, इसलिए कुर्सी संभालते ही उन्होंने अपने सारे मुकदमे वापस ले लिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया जाता है, जैसे कि आजम खान और प्रजापति जी के साथ हुआ। अखिलेश ने यह भी कहा कि अब्बास अंसारी भी ऐसे ही फंसाए जा सकते थे, लेकिन वे बच गए।
पूजा पाल मामले पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा, “यह समझ से परे है कि कोई मुख्यमंत्री से मिलकर आए और उसे विपक्षी नेता से जान का खतरा बताया जाए। यह समझना मुश्किल है कि पूजा पाल को वास्तव में किससे खतरा है।” उन्होंने इस मामले की जांच राज्य सरकार के बजाय केंद्र सरकार से कराने की मांग की। पूजा पाल, जो कौशांबी की चायल सीट से विधायक हैं, ने हाल ही में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि उनकी हत्या हो सकती है और इसके लिए अखिलेश और उनकी पार्टी जिम्मेदार होगी। अखिलेश ने इस पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसी स्थिति में लोगों को जेल भेजे जाने का डर रहता है।
अखिलेश ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेगी, यदि सरकार जनता के हक छीनने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा, “भाजपा जनता के संविधान प्रदत्त अधिकारों को छीन रही है। हम इसका विरोध करेंगे।”



