लखनऊ, 12 जून । लखनऊ में अपनी अनूठी पहचान रखने वाले, खुश मिज़ाज इन्सान सैयद मोहम्मद अहमद नकवी मरहूम, जिन्हें लोग प्यार से “मौलाई इंसान” के नाम से पुकारते थे, की याद में एक मजलिस का आयोजन किया जा रहा है। यह मजलिस उनके और उनके पित सैयद मुख्तार अली नकवी के इसाले सवाब के लिए आयोजित होगी।
सैयद मोहम्मद अहमद नकवी एक ऐसे शख्स थे, जिनका हर मजलिस और महफिल में शिरकत करना और उनका अनोखा अंदाज उन्हें सबसे अलग बनाता था। उनकी सादगी, उदारता और धार्मिक कार्यों के प्रति समर्पण ने उन्हें लखनऊ में एक बड़े मौलाई इंसान के रूप में प्रसिद्धि दिलाई। लोग उनके नाम से कम, बल्कि “मौलाई इंसान” के तौर पर ज्यादा जानते और याद करते थे। उनकी यह खासियत थी कि हर धार्मिक और सामाजिक आयोजन में उनकी मौजूदगी एक अलग रौनक लाती थी। उनके इसाले सवाब की यह मजलिस 19 जून 2025 को, जुम्मे की रात 8:00 बजे, रौज़ा ए काज़मैंन, काज़मैंन रोड, लखनऊ में होगी। मजलिस का आगाज तिलावत -ए- कलाम-ए-पाक से क़ारी मिर्ज़ा फुरकान साहब करेंगे, जिसके बाद मशहूर और मुंतखब शायर बारगाहे अहलेबैत अस में नजरानए-ए- अकीदत पेश करेंगे। जिसके बाद मौलाना बिलाल काज़मी साहब मजलिस को खिताब करेंगे। मजलिस के बाद सरवर दबीरी नौहा पेश करेंगे।
इसी दिन, रात 7:30 बजे, मरहूम के दौलतखाने पर ज़नानी मजलिस का आयोजन होगा।
सैयद मोहम्मद अहमद नकवी मरहूम का मिज़ाज बहुत मिलनसार था और ख़ुद बहुत मौलाई इन्सान थे,शायद यही कारण है कि उनकी कमी जहां लोगों को सता रही है वहीं आज भी लखनऊ की धार्मिक और सामाजिक महफिलों में उनकी कमी महसूस की जा रही है। उनकी याद में आयोजित यह मजलिस उनके प्रति श्रद्धांजलि और उनके नेक कार्यों को याद करने का एक अवसर है। मरहूम के बेटे जवाद नक़वी ने सभी से अपील है कि इस पवित्र आयोजन में शामिल होकर मरहूम की मगफिरत के लिए दुआ करें।



