HomeUTTAR PRADESHवाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, प्रशासन हाई...

वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, प्रशासन हाई अलर्ट पर

लखनऊ, 1 अगस्त । वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर शुक्रवार सुबह 11:00 बजे खतरे के निशान 71 मीटर के करीब पहुंच गया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर पानी चढ़ने से गंगा आरती का स्थान बदल दिया गया है, और नाव संचालन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। यह स्थिति वाराणसी के पर्यटन और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चुनौती बन रही है।केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का जलस्तर सुबह 8:00 बजे 70.5 मीटर था, जो गुरुवार रात की तुलना में 0.8 मीटर अधिक है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा की धारा तेज हो गई है। दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियां आधे से ज्यादा डूब चुकी हैं, और अस्सी घाट पर पानी घुटनों तक पहुंच गया है। स्थानीय नाविक रामू मांझी ने बताया, “पिछले तीन दिनों से गंगा की धारा बहुत तेज है। आज सुबह से घाटों पर पानी चढ़ रहा है, और नाव चलाना खतरनाक हो गया है।” जिलाधिकारी संजय यादव ने सुबह 10:00 बजे एक आपात बैठक बुलाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया, “हम गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखे हैं। NDRF की टीमें घाटों पर तैनात हैं, और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।” प्रशासन ने 10 राहत शिविर और 5 मेडिकल टीमें तैयार की हैं। मौसम विभाग ने वाराणसी, गाजीपुर, और बलिया में 80 मिमी तक बारिश की चेतावनी दी है, जिससे जलस्तर के 71.5 मीटर तक पहुंचने की आशंका है।घटना ने वाराणसी के पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों पर गहरा असर डाला है। गंगा आरती को दशाश्वमेध घाट पर ऊंचे स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। स्थानीय व्यापारी रमेश गुप्ता ने कहा, “घाट डूबने से पर्यटक कम आ रहे हैं, और हमारा धंधा ठप हो गया है।” सपा नेता रमेश पटेल ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा, “हर साल बाढ़ की समस्या आती है, लेकिन सरकार का कोई स्थायी समाधान नहीं है।” प्रशासन ने नाविकों और घाटों पर रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। स्थानीय निवासी रामलाल यादव ने कहा, “पुलिस और NDRF की मौजूदगी से कुछ राहत है, लेकिन बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है।” यह घटना वाराणसी में बाढ़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की कमियों को उजागर करती है, और प्रशासन का कहना है कि वह स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read