लखनऊ, 9 जून। राजधानी लखनऊ के कई हिस्सों में सोमवार को 9 घंटे की बिजली कटौती ने करीब 50,000 उपभोक्ताओं को परेशानी में डाल दिया है। विद्युत विभाग के अनुसार, यह कटौती पुराने बिजली तारों और पोल की मरम्मत के लिए की जा रही है, जिसके चलते शहर के 10 प्रमुख इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। इस लंबी कटौती ने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में नाराजगी पैदा कर दी है, जो बार-बार होने वाली बिजली समस्याओं से पहले ही त्रस्त हैं।सोमवार सुबह से शुरू हुई इस कटौती का असर गोमती नगर, इंदिरा नगर, आलमबाग, राजाजीपुरम, हजरतगंज, और महानगर सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में देखा जा रहा है। बिजली विभाग ने पहले ही इसकी सूचना जारी कर दी थी, लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि इतनी लंबी अवधि की कटौती उनके दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। खासकर, गर्मी के इस मौसम में बिना बिजली के रहना लोगों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। कई घरों में इनवर्टर की बैटरी भी जवाब दे रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है ,“पिछले कुछ महीनों में बिजली कटौती की घटनाएं बढ़ गई हैं। विभाग हर बार मरम्मत का हवाला देता है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता। 9 घंटे तक बिजली न होना किसी सजा से कम नहीं है।” इसी तरह, आलमबाग में एक दुकान चलाने वाले व्यक्ति ने कहा कि लंबी कटौती के कारण उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। “ग्राहक आते हैं, लेकिन बिना बिजली के हम सामान नहीं दिखा पाते। यह हमारे लिए बड़ा नुकसान है,” उन्होंने कहा।बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कटौती जरूरी मरम्मत कार्यों के लिए की जा रही है, ताकि भविष्य में बिजली आपूर्ति को और विश्वसनीय बनाया जा सके। उन्होंने कहा, “हम पुराने तारों को बदल रहे हैं और कुछ क्षेत्रों में नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जा रहे हैं। यह कार्य उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ही किया जा रहा है।” हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि लंबी कटौती से उपभोक्ताओं को असुविधा हो रही है, और विभाग इसे जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश कर रहा है।कटौती से प्रभावित इलाकों में कई छोटे-मोटे प्रदर्शन भी देखे गए, जहां लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। कुछ सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि विभाग को कटौती से पहले वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, जैसे जनरेटर या अस्थायी बिजली आपूर्ति। इसके अलावा, कई उपभोक्ताओं ने सुझाव दिया कि मरम्मत कार्य रात के समय किए जाएं, ताकि दिन की गतिविधियां प्रभावित न हों।बिजली विभाग ने आश्वासन दिया है कि मरम्मत कार्य सोमवार देर रात तक पूरा हो जाएगा, और इसके बाद बिजली आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। हालांकि, उपभोक्ताओं का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी कटौतियां उनके धैर्य की परीक्षा ले रही हैं। कुछ लोगों ने यह भी मांग की है कि बिजली विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए और भविष्य में ऐसी लंबी कटौतियों से बचने के लिए पहले से योजना बनानी चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर लखनऊ में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं, और प्रशासन से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की उम्मीद की जा रही है।



