लखनऊ, 22 मई । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज दोपहर 3:00 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें कोरोना वायरस से निपटने की तैयारियों को युद्ध स्तर पर बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सिंगापुर और हांगकांग में कोविड मामलों में वृद्धि की खबरों के बीच भारत में स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया गया, लेकिन सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया।मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को सभी जिलों में टेस्टिंग, ट्रेसिंग, और ट्रीटमेंट (3T) रणनीति को और मजबूत करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, “कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।” सीएम ने विशेष रूप से लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में कोविड अस्पतालों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए टीमें गठित करने के निर्देश दिए।बैठक में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), आपात चिकित्सा राहत प्रभाग, और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के विशेषज्ञ शामिल हुए। योगी ने कोविड टीकाकरण अभियान को तेज करने और बूस्टर डोज पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने जनता से मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने, और भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने की अपील की।स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारर्थी सेन शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 50,000 से अधिक टेस्ट प्रतिदिन किए जा रहे हैं, और सभी जिलों में कोविड हेल्पलाइन को सक्रिय रखा गया है। सीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने और आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। लखनऊ में केजीएमयू और संजय गांधी पीजीआई जैसे संस्थानों को कोविड मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार करने को कहा गया है।इसके अलावा, योगी ने स्कूलों और कॉलेजों में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने और बच्चों के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता जनता की सुरक्षा है। किसी भी स्थिति में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।”



