लखनऊ, 18 जून । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्री-मानसून बारिश के बाद डेंगू के मामलों में अचानक वृद्धि देखी गई है, जिसने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है। शहर के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से गोमती नगर, हजरतगंज, और आलमबाग जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) और बलरामपुर अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, पिछले 48 घंटों में डेंगू के 35 नए मामले सामने आए हैं, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 20% अधिक है। यह जानकारी दोपहर तक स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर सामने आई है, जो सुबह के समाचार पत्रों में प्रकाशित नहीं हुई थी।डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को विशेष डेंगू वार्ड स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। KGMU में 20 बेड का एक विशेष वार्ड शुरू किया गया है, जबकि बलरामपुर अस्पताल ने 15 बेड का इंतजाम किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून बारिश के कारण जलभराव और मच्छरों के प्रजनन में वृद्धि डेंगू के प्रसार का प्रमुख कारण है। लखनऊ नगर निगम ने शहर में फॉगिंग और सफाई अभियान तेज कर दिया है, लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था अभी भी अपर्याप्त है।स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता डॉ. अजय शंकर ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए जन जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें, और पूरी बांह के कपड़े पहनें। इसके अलावा, डेंगू के लक्षण जैसे बुखार, सिरदर्द, और जोड़ों में दर्द दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच कराने की सलाह दी गई है।लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने कहा, “हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और सभी अस्पतालों को प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।” शहर में ब्लड बैंकों को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि डेंगू के गंभीर मामलों में तत्काल सहायता प्रदान की जा सके। स्थानीय निवासियों से सहयोग की अपील की गई है ताकि डेंगू के प्रसार को रोका जा सके। यह खबर दोपहर तक की अपडेटेड जानकारी पर आधारित है और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन सक्रिय हो गया है।



