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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केजीएमयू में 941 करोड़ की स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

लखनऊ, 14 जुलाई। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में आज दोपहर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 941 करोड़ रुपये की लागत वाली सात स्वास्थ्य परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस आयोजन ने लखनऊ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मुकाम दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। समारोह में उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक, केजीएमयू के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) बिपिन पुरी, स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव परथा सरथी सेन शर्मा, और लगभग 250 चिकित्सक, कर्मचारी, और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

मुख्य परियोजनाओं में शामिल था लॉरी कॉर्डियोलॉजी भवन का लोकार्पण

यह नया भवन 92 बेड के अत्याधुनिक कार्डियोलॉजी आईसीयू से सुसज्जित है, जिसकी लागत 220 करोड़ रुपये है। यह भवन हृदय रोगियों के लिए उन्नत उपचार सुविधाएँ प्रदान करेगा, जिसमें कैथेटर लैब, कार्डियक सर्जरी यूनिट, और टेलीमेडिसिन सुविधाएँ शामिल हैं।

340 बेड वाला यह केंद्र 350 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह हड्डी रोगों, जॉइंट रिप्लेसमेंट, और रीढ़ की सर्जरी के लिए विशेष सुविधाएँ प्रदान करेगा। 250 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह ट्रॉमा सेंटर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ करेगा। इसमें 150 बेड और 20 ऑपरेशन थिएटर होंगे। 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन केजीएमयू के प्रशासनिक कार्यों को और सुचारु बनाएगा।बाकी तीन परियोजनाओं में उन्नत डायग्नोस्टिक लैब, रिहैबिलिटेशन सेंटर, और मेडिकल रिसर्च यूनिट शामिल हैं, जिनकी कुल लागत 41 करोड़ रुपये है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा, “केजीएमयू न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत का स्वास्थ्य केंद्र बन रहा है। ये परियोजनाएँ लखनऊ को मेडिकल टूरिज्म का हब बनाएँगी और गंभीर बीमारियों के इलाज में गरीब से गरीब व्यक्ति को भी गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ मिलेंगी।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि केजीएमयू में आईसीयू बेड की संख्या 84 से बढ़ाकर 150 की जाएगी, जिससे गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि इन परियोजनाओं से लखनऊ में हर साल 10 लाख से अधिक मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा। कुलपति बिपिन पुरी ने कहा कि नए उपकरणों में अत्याधुनिक एमआरआई मशीन, सीटी स्कैनर, और रोबोटिक सर्जरी सिस्टम शामिल हैं, जो चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांति लाएँगे। हालाँकि, कुछ चिकित्सकों ने निजी तौर पर स्टाफ की कमी की समस्या उठाई।एक वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट,डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि नए केंद्रों के लिए कम से कम 200 अतिरिक्त डॉक्टरों और 500 नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता होगी। इस पर योगी ने आश्वासन दिया कि अगले छह महीनों में भर्ती प्रक्रिया तेज की जाएगी।
इस आयोजन से लखनऊ के स्वास्थ्य ढांचे में एक नया अध्याय जुड़ा है, और यह उत्तर प्रदेश को मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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