लखनऊ,28 मई।उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में पुलिस ने एक सनसनीखेज मुठभेड़ में मंदिर से चोरी करने वाले शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है। इस एनकाउंटर में बदमाश के पैर में गोली लगी, और उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पकड़ा गया अपराधी भूपेंद्र ग्वाल, जो झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र का निवासी है, एक कुख्यात अपराधी बताया जा रहा है। उस पर झांसी के कई थानों में लूट और चोरी के नौ मुकदमे दर्ज हैं, और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
घटना मंगलवार (27 मई 2025) देर शाम मोठ थाना क्षेत्र के गुरसरांय रोड पर हुई। पुलिस चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने की कोशिश कर रही थी। संदिग्ध, जिसकी पहचान बाद में भूपेंद्र ग्वाल के रूप में हुई, ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और जंगल की ओर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें भूपेंद्र के पैर में गोली लगी। घायल बदमाश को तुरंत पकड़ लिया गया और झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध तमंचा, कारतूस, और चोरी की एक बैटरी बरामद की है।जांच में पता चला कि भूपेंद्र ने हाल ही में रक्सा थाना क्षेत्र के एक मंदिर में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। इसके अलावा, मार्च 2025 में भी उसने चोरी की एक अन्य घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। मोठ थाने के प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि भूपेंद्र लंबे समय से पुलिस की रडार पर था। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई थीं, और चेकिंग के दौरान मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि भूपेंद्र के खिलाफ अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है, और उसके साथियों की तलाश जारी है।इस मुठभेड़ ने झांसी में कानून-व्यवस्था की सख्ती को दर्शाया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि मंदिरों में चोरी की घटनाएँ इलाके में चिंता का विषय बनी हुई थीं। हालांकि, कुछ लोग इस एनकाउंटर की प्रामाणिकता पर सवाल भी उठा रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “पुलिस की कार्रवाई ठीक है, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्दोष लोग निशाना न बनें।” पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई, और बदमाश की आपराधिक गतिविधियों के सबूत मौजूद हैं।यह घटना उत्तर प्रदेश में पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैये का उदाहरण है। भूपेंद्र की गिरफ्तारी से मंदिर चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत साझा करें ताकि अपराध को और प्रभावी ढंग से रोका जा सके।



