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बिजली विभाग की मनमानी के खिलाफ जनता ने किया प्रदर्शन

 

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लखनऊ, 17 मई। लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच बिजली की अनियमित आपूर्ति से परेशान उपभोक्ताओं का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के मुफ्तीगंज में सैकड़ों लोगों ने क्षेत्रीय पार्षद गुलशन अब्बास के नेतृत्व में बिजली विभाग के खिलाफ थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी, अवैध वसूली, जबरन घरों में घुसने और महिलाओं के साथ अभद्रता जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर रहे थे।चेकिंग अभियान या उत्पीड़न?बिजली विभाग का दावा है कि चोरी रोकने के लिए चलाया जा रहा चेकिंग अभियान आवश्यक है। सुबह से देर शाम तक चलने वाली इस कार्रवाई का उद्देश्य बिजली चोरों पर नकेल कसना है। हालांकि, मुफ्तीगंज के निवासियों का आरोप है कि चेकिंग के नाम पर कर्मचारी मनमानी करते हैं। उनका कहना है कि कर्मचारी बिना नोटिस या कोर्ट के आदेश के घरों में घुसने की कोशिश करते हैं। विशेष रूप से, महिला पुलिस की अनुपस्थिति में घरों में प्रवेश और महिलाओं के साथ बदतमीजी के आरोपों ने जनता का आक्रोश बढ़ाया है।प्रदर्शनकारियों ने लगाए बिजली विभाग पर कई गंभीर आरोपप्रदर्शनकारियों का दावा है कि कर्मचारी बिजली चोरी करने वालों से मासिक रिश्वत लेकर उन्हें संरक्षण देते हैं, जबकि अन्य लोगों को परेशान करते हैं। उनका कहना है कि बिना कानूनी अनुमति या महिला पुलिस की मौजूदगी के घरों में घुसना विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 का उल्लंघन है।

महिलाओं के साथ अभद्रता के आरोप

कर्मचारियों पर महिलाओं से अभद्र व्यवहार और बदतमीजी के आरोप लगे, जो भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत अपराध है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई हो।बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चेकिंग अभियान केवल बिजली चोरी रोकने के लिए है। उनका दावा है कि चोरी करने वाले लोग कार्रवाई से बौखलाकर झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चेकिंग के दौरान उनकी टीम के साथ गाली-गलौज और हाथापाई हुई, जिसके खिलाफ विभाग ने ठाकुरगंज थाने में तहरीर दी है।

पुलिस की भूमिका

ठाकुरगंज पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और बिजली विभाग, दोनों से प्रार्थना पत्र प्राप्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है, और दोनों पक्षों के दावों के आधार पर उचित कार्रवाई होगी। प्रार्थना पत्रों के आधार पर मुकदमा दर्ज होने की संभावना है।

बिजली विभाग को चेकिंग के लिए घर में प्रवेश का अधिकार विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत बिजली चोरी से संबंधित प्रावधान हैं। इसके अंतर्गत निम्नलिखित कृत्य बिजली चोरी माने जाते हैं।

बिना कनेक्शन या मीटर के बिजली उपयोग,मीटर के साथ छेड़छाड़, बायपास, या रीडिंग बदलना।स्वीकृत लोड से अधिक बिजली उपयोग।अनधिकृत बिजली आपूर्ति या उपकरणों को नुकसान।

सजा का प्रावधान

पहली बार अपराध में 3 वर्ष तक की कैद, जुर्माना, या दोनों।बार-बार अपराध पर 6-8 गुना जुर्माना और गिरफ्तारी।चोरी की अवधि अनिश्चित होने पर 12 महीने तक दोगुनी टैरिफ दर से गणना।

घर में प्रवेश का अधिकार

धारा 135 के तहत, बिजली विभाग के अधिकृत अधिकारी को चोरी के संदेह पर परिसर में प्रवेश, निरीक्षण, और सबूत जुटाने का अधिकार है। यह प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, जिसमें अधिकारी को अपनी पहचान और उद्देश्य स्पष्ट करना होगा। निरीक्षण मालिक या उनके प्रतिनिधि की उपस्थिति में होना चाहिए। बिना उचित कारण या प्रक्रिया (जैसे पहचान पत्र न दिखाना) के प्रवेश गैरकानूनी हो सकता है।

उपभोक्ता अधिकार

निरीक्षण रिपोर्ट की प्रति मांगने का हक।धारा 127 के तहत गलत निरीक्षण के खिलाफ अपील।बिना महिला पुलिस के घर में प्रवेश (महिलाओं की मौजूदगी में) गैरकानूनी।क्षेत्रीय पार्षद गुलशन अब्बास के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी बिजली विभाग की मनमानी और उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि भीषण गर्मी में बिजली कटौती और चेकिंग के नाम पर परेशानी असहनीय है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा।मुफ्तीगंज में यह प्रदर्शन जनता के गहरे असंतोष को दर्शाता है। चेकिंग अभियान को लेकर जनता और विभाग के बीच अविश्वास बढ़ रहा है। निष्पक्ष जांच और पारदर्शी प्रक्रिया ही इस विवाद को सुलझा सकती है। बिजली विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार और जनता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।

क्षेत्र में हादसे के बाद तनाव, लोगों का थाने पर जमावड़ा

खबर लिखे जाने तक, एक हादसे के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हादसे से जुड़ी बातचीत के दौरान अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि स्थानीय लोगों का विरोध किनके खिलाफ है। हालांकि, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, थाने पर क्षेत्रीय लोगों का जमावड़ा अब भी बना हुआ है।विरोध में शामिल कई महिलाओं ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे बिना अपनी माँगें पूरी हुए यहाँ से नहीं हटेंगी। उनकी मुख्य माँग बिजली विभाग के उन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई है, जिन्हें वे इस मामले में जिम्मेदार मानती हैं।स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से संबंधित शिकायतों को भी उठाया है और माँग की है कि विभाग द्वारा लगाए गए उपकरणों को ठीक किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी गईं, तो वे अपना विरोध और तेज करेंगे।खबर लिखे जाने तक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और पुलिस मामले की जाँच में जुटी है।

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