प्रभावित क्षेत्रों में पक्षियों के परिवहन पर रोक लगाने की योजना
लखनऊ, 13 मई । उत्तर प्रदेश में H5 एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में पशुपालन, स्वास्थ्य और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। CM योगी ने बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्राणी उद्यानों, पक्षी विहारों, नेशनल पार्कों, वेटलैंड क्षेत्रों और पोल्ट्री फार्म्स में हाई अलर्ट जारी किया जाए।
योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साफ-सफाई, नियमित जांच और कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा, “बर्ड फ्लू का खतरा गंभीर है। इसे रोकने के लिए हर स्तर पर सतर्कता और समन्वय जरूरी है। जनता को जागरूक करें और पोल्ट्री उत्पादों की जांच बढ़ाएं।” CM ने गो-आश्रय स्थलों और संरक्षित पशु-पक्षियों की सुरक्षा के लिए भी विशेष उपाय करने को कहा।
बैठक में पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव ने सुझाव दिया कि सभी पोल्ट्री फार्म्स में बायोसिक्योरिटी उपायों को सख्त किया जाए और पक्षियों के सैंपल की नियमित जांच हो। स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव रखा कि बर्ड फ्लू के मानव संक्रमण की आशंका को देखते हुए अस्पतालों में विशेष वार्ड और दवाओं की व्यवस्था की जाए। वन विभाग ने सुझाव दिया कि प्रवासी पक्षियों की निगरानी बढ़ाई जाए, क्योंकि ये वायरस के वाहक हो सकते हैं।
सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों का खंडन करने का निर्देश
CM ने अधिकारियों को जनता में भय से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों का तुरंत खंडन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू के बचाव के लिए पोल्ट्री कर्मचारियों को मास्क और PPE किट उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में पक्षियों के परिवहन पर रोक लगाने की योजना बनाई गई। अधिकारियों को 48 घंटे में कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया है।
प्रदेश में बर्ड फ्लू की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो नियमित रूप से CM को रिपोर्ट देगी। योगी ने कहा कि किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



