लखनऊ, 22 मई । उत्तर प्रदेश में बीती रात से शुरू हुआ आंधी-तूफान और भारी बारिश का प्रकोप आज भी जारी रहा। लखनऊ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा ने कई लोगों की जान ले ली, फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, और कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज और अगले कुछ दिनों के लिए कई क्षेत्रों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। बुधवार देर रात लखनऊ, मेरठ, संभल, अमरोहा, हापुड़, आगरा और दिल्ली से सटे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में तेज आंधी-तूफान और बारिश ने कहर बरपाया। 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने पेड़ उखाड़ दिए, होर्डिंग्स गिरा दीं, और कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कुशीनगर में एक झोपड़ी गिरने से एक महिला की मृत्यु हो गई, जबकि मेरठ के रूहासा गांव में पेड़ गिरने से एक किसान की जान चली गई। बागपत के रटौल और मुबारिकपुर में आम की फसलों को भारी नुकसान हुआ, जहां पेड़ों से फल टूटकर गिर गए और कई बाग क्षतिग्रस्त हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 20 जिलों में इस तूफान ने 45 लोगों की जान ली, हालांकि यह आंकड़ा आधिकारिक पुष्टि के अधीन है। तेज बारिश और ओलावृष्टि ने कई जगहों पर जलभराव और यातायात बाधित किया।
आज सुबह का हाल
आज सुबह लखनऊ और आसपास के इलाकों में मौसम ने फिर करवट ली। हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। लखनऊ में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक रहा, लेकिन बारिश से कुछ राहत मिली। मेरठ, संभल और हापुड़ में सुबह हल्की बारिश और धूल भरी हवाओं ने संपत्ति को और नुकसान पहुंचाया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर बिजली के खंभे और पेड़ गिरने की घटनाएँ सामने आईं। बागपत और सहारनपुर में फसलों को और नुकसान हुआ, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश के 39 जिलों में बारिश का अलर्ट, कई क्षेत्र प्रभावित
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 39 जिलों में 22 मई से 25 मई तक आंधी, बारिश, और गरज-चमक के साथ वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की संभावना है, जिससे कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है।प्रमुख रूप से प्रभावित जिलों में लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, रामपुर, इटावा, मैनपुरी, रायबरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, बाराबंकी, गोंडा, अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, और अमरोहा शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण यह मौसमी बदलाव देखा जा रहा है।इस बारिश का असर किसानों, यातायात, और बिजली आपूर्ति पर पड़ सकता है। खेतों में तैयार रबी फसलों को नुकसान की आशंका है, विशेष रूप से संभल और अमरोहा जैसे क्षेत्रों में, जहाँ ओलावृष्टि की भी संभावना है। लखनऊ में सड़कों पर जलभराव और यातायात जाम की समस्या बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।



