लखनऊ, 6 मई । उत्तर प्रदेश में अपराध की बढ़ती घटनाएं योगी आदित्यनाथ सरकार के कानून-व्यवस्था के दावों पर सवाल उठा रही हैं । कन्नौज में एक महिला की हत्या और बलात्कार के प्रयास का मामला सामने आया है, वहीं रायबरेली में एक युवक की गला काटकर निर्मम हत्या और एक किशोरी के साथ थाने में कथित बलात्कार की घटना ने हड़कंप मचा दिया है।
इसके अलावा, लखनऊ में गैंगरेप पीड़िता के साथ थाने में दुराचार का एक और मामला पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर रहा है। ये घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था की कमजोर कड़ी को उजागर करती हैं, बल्कि यह भी सवाल उठाती हैं कि यदि बलात्कार और हत्याओं के मामले नहीं थमते, तो सरकार का “जीरो टॉलरेंस” का दावा कितना खोखला साबित होगा।
कन्नौज: महिला की हत्या और बलात्कार का प्रयास
कन्नौज के गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में 4 मई को 40 वर्षीय दलित महिला सुशीला देवी की अर्धनग्न लाश मक्के के खेत में मिली। पुलिस ने 24 घंटे में मामले का खुलासा करते हुए महिला के भतीजे अमरपाल को गिरफ्तार किया। अमरपाल ने कबूल किया कि शराब के नशे में उसने चाची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध पर उसने मारपीट की, धारदार हथियार से हमला किया और गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से महिला की साड़ी और मोबाइल बरामद किए। यह घटना स्थानीय स्तर पर तनाव का कारण बनी।
रायबरेली: हत्या और थाने में कथित दुराचार
रायबरेली में दो घटनाओं ने पुलिस व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया। पहली घटना में, एक युवक की सोते समय गला काटकर हत्या कर दी गई। X पर इस घटना को “जंगलराज” करार दिया गया, लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की। दूसरी घटना में, एक किशोरी, जो गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराने थाने गई, के साथ थाना प्रभारी द्वारा कथित बलात्कार का मामला सामने आया। X पोस्ट्स में दावा किया गया कि किशोरी चीखती रही, लेकिन मदद नहीं मिली। इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, पर विपक्ष ने इसे सरकार की नाकामी बताया।
लखनऊ: थाने में गैंगरेप पीड़िता से दुराचार
लखनऊ में एक गैंगरेप पीड़िता के साथ थाने में कथित दुराचार की खबर ने पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। X पर वायरल पोस्ट्स के अनुसार, पीड़िता शिकायत दर्ज कराने गई थी, लेकिन थाना प्रभारी ने उसका शोषण किया। इस घटना की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर गुस्सा भड़क उठा। कांग्रेस और सपा ने इसे “महाजंगलराज” करार दिया।इन घटनाओं ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का दावा है कि योगी सरकार अपराध नियंत्रण में विफल रही है, जिससे जनता में डर और अविश्वास बढ़ रहा है।



