HomeCITYअप्टान डिवीजन का ग़ज़ब कारनामा,बिजली चोरों से ली गई ऑनलाइन रिश्वत

अप्टान डिवीजन का ग़ज़ब कारनामा,बिजली चोरों से ली गई ऑनलाइन रिश्वत

ज़की भारतीय

लखनऊ,18 मई। अप्टान डिवीजन में बिजली चोरी के खिलाफ नूर बाड़ी पावर हाउस की टीम ने हाल ही में मॉर्निंग रेड के दौरान पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की।जबकि मार्निंग रेड में लगभग 17 मकानों में दबिश दी गई थी। बिजली विभाग की इस कार्रवाई को जहाँ कुछ लोग चोरी रोकने की दिशा में कदम बता रहे हैं, वहीं स्थानीय लोगों ने इसे उगाही का नया खेल करार दिया है। इस कार्रवाई के पीछे की सच्चाई और बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।बिजली चोरी रोकने के नाम पर विभाग की टीम ने कई घरों में छापेमारी की, लेकिन सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर चोरी पकड़ने के बजाय पैसे की उगाही का खेल चला। जिन घरों से विभाग को मोटी रकम मिली, वहाँ मामूली चोरी या कोई कार्रवाई न होने की बात सामने आई। वहीं, जिन्होंने पैसे देने से इनकार किया, उनके खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली विभाग पुराने तारों को बदलने या चोरी रोकने के लिए ठोस उपाय करने के बजाय, आम लोगों को निशाना बना रहा है।आरोप है कि बिजली विभाग के कुछ कर्मचारी,उनके दलाल और दलाल पत्रकार इस उगाही के खेल में शामिल हैं। ये लोग चोरी पकड़ने के नाम पर पहले डराते हैं और फिर मोटी रकम लेकर मामला रफा-दफा कर देते हैं।  हैरानी की बात यह है कि कुछ मामलों में तो ऑनलाइन रिश्वत की राशि ली गई है,जिससे इस खेल की गंभीरता और संगठित रूप का अंदाजा लगाया जा सकता है। एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “बिजली विभाग के लोग पहले मीटर चेक करने के बहाने आते हैं, फिर छोटी-मोटी गड़बड़ी बताकर हजारों रुपये की माँग करते हैं। अगर पैसे नहीं दिए, तो FIR की धमकी देते हैं।”यह भी सवाल उठता है कि बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग कोई स्थायी समाधान क्यों नहीं अपना रहा? जर्जर तार, पुराने मीटर और अवैध कनेक्शनों की जाँच के बजाय, आम लोगों को परेशान करने का यह तरीका क्या वाकई उचित है? कई लोग मानते हैं कि बिजली चोरी के पीछे विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी है, जो पैसे लेकर अवैध कनेक्शन चलाने की छूट देते हैं।इस कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की टीम का विरोध भी किया। लोगों का कहना था कि बिना ठोस सबूत के उनके घरों में घुसकर तलाशी ली गई और उन्हें अपमानित किया गया। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब विभाग की कार्रवाई निष्पक्षता पर सवाल उठाती है।बिजली चोरी रोकना जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर आम लोगों को परेशान करना और उगाही का खेल चलाना किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है। बिजली विभाग को चाहिए कि वह अपनी कार्यशैली में सुधार करे, भ्रष्ट कर्मचारियों पर नकेल कसे और चोरी रोकने के लिए पारदर्शी और प्रभावी उपाय अपनाए। जब तक विभाग इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाएगा, तब तक ऐसी कार्रवाइयाँ जनता के लिए परेशानी का सबब बनी रहेंगी।

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