लखनऊ,16 मई । लखनऊ के जिलाधिकारी (डीएम) विशाख जी ने सुएज इंडिया कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जो सीवर और जलापूर्ति की शिकायतों में फर्जीवाड़ा कर रही थी। यह कार्रवाई जानकीपुरम, गोमती नगर, और फैजुल्लागंज वार्डों से मिली शिकायतों के बाद की गई। डीएम ने कंपनी का भुगतान रोक दिया और नगर निगम व जिला प्रशासन की संयुक्त जाँच टीम गठित की।शिकायतों में कहा गया कि सुएज इंडिया ने सीवर सफाई और जलापूर्ति के लिए किए गए कार्यों को फर्जी दस्तावेजों में दर्ज किया, जबकि जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ। गोमती नगर के निवासियों ने बताया कि सीवर ओवरफ्लो की समस्या बरकरार है, फिर भी कंपनी ने बिल जमा किए। डीएम ने 16 मई को सुबह 11:00 बजे एक आपात बैठक बुलाई, जिसमें नगर निगम आयुक्त इंद्रजीत सिंह, जल निगम के मुख्य अभियंता, और सुएज इंडिया के प्रतिनिधि शामिल थे।जाँच टीम में नगर निगम के अपर नगर आयुक्त, जल निगम के दो वरिष्ठ अभियंता, और जिला प्रशासन के दो मजिस्ट्रेट शामिल हैं। इस टीम को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
डीएम ने कहा, “फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता की सुविधा हमारी प्राथमिकता है।”सुएज इंडिया को पहले भी अनुबंध शर्तों का उल्लंघन करने के लिए चेतावनी दी गई थी। सूत्रों के अनुसार, कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने ठेकेदारों के साथ मिलकर फर्जी बिल बनाए। इस कार्रवाई के बाद गोमती नगर और जानकीपुरम के निवासियों ने डीएम के फैसले का स्वागत किया।



