लखनऊ, 9 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज लखनऊ नगर निगम (एलएमसी) के कर्मचारियों ने अपनी लंबित 13-सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के बैनर तले आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में हजारों कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन का मुख्य कारण कर्मचारियों की वेतन वृद्धि, पदोन्नति में देरी, पेंशन सुधार, महंगाई भत्ता बहाली, आवास भत्ता, चिकित्सा सुविधाओं में सुधार, महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का कार्यान्वयन है। महासंघ का आरोप है कि राज्य सरकार ने इन मांगों पर वर्षों से कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे कर्मचारियों में असंतोष चरम पर पहुंच गया है।
प्रदर्शन सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम तक चला। कर्मचारियों ने जीपीओ पार्क स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना दिया, जहां नारेबाजी की गई, बैनर-पोस्टर लगाए गए और मांग-पत्र सौंपा गया। इसके अलावा, जोन-2 और जोन-6 के निगम कार्यालयों पर जनजागरण सभाएं आयोजित की गईं। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्रा ने कहा, “यदि 15 दिनों के अंदर मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करेंगे, जिससे शहर की सफाई और अन्य सेवाएं ठप हो जाएंगी।” प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया, लेकिन यह शांतिपूर्ण रहा। निगम महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि मांगों पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी। यह प्रदर्शन न केवल लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश के स्थानीय निकाय कर्मचारियों के लिए एकजुटता का प्रतीक बन गया।



