HomeINDIAपाकिस्तान को दिए जा रहे कर्ज पर भारत की नाराज़गी

पाकिस्तान को दिए जा रहे कर्ज पर भारत की नाराज़गी

लखनऊ, 17 मई। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा पाकिस्तान को दिए जा रहे कर्ज का कड़ा विरोध किया है। भारत ने IMF की कार्यकारी बोर्ड की बैठक में वोटिंग से दूरी बनाई और पाकिस्तान को कर्ज देने के निर्णय पर सवाल उठाए। यह कदम खासकर पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक तनाव के बीच भारत की कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है, और ऐसे देश को वित्तीय मदद देना वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है।” भारत ने IMF से माँग की है कि पाकिस्तान को कर्ज देने से पहले उसके आतंकवाद-विरोधी उपायों की समीक्षा की जाए। सूत्रों के अनुसार, भारत ने इस मुद्दे पर अमेरिका, जापान, और अन्य सहयोगी देशों के साथ भी चर्चा की है।पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था संकट में है, और वह 7 अरब डॉलर के IMF बेलआउट पैकेज पर निर्भर है। हालांकि, भारत का विरोध इस प्रक्रिया को जटिल बना सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का यह कदम पाकिस्तान पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ाएगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में कहा, “आतंकवाद और अर्थव्यवस्था साथ-साथ नहीं चल सकते।”इस बीच, पाकिस्तान ने भारत के रुख की आलोचना की है। पाक विदेश मंत्रालय ने इसे “दखलंदाज़ी” करार दिया। लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि भारत की वैश्विक साख और IMF में उसकी भूमिका के कारण उसका विरोध प्रभावी हो सकता है।यह घटना भारत की “ऑपरेशन सिंदूर” रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत भारत वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेर रहा है। 17 मई को ही, भारत ने सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को विश्व के प्रमुख देशों में भेजने का फैसला किया, ताकि पाकिस्तान की साजिशों को उजागर किया जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read