लखनऊ,28 जून। लखनऊ विकास प्राधिकरण पर बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगा है। बब्बू और मोहम्मद अकील नामक बिल्डर लंबे समय से लखनऊ के अलग अलग क्षेत्रों, विशेष रूप से मोहनलालगंज और गोमती नगर, में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण में लिप्त हैं। LDA ने इनके खिलाफ पहले नोटिस जारी किया था और मोहनलालगंज में एक बिल्डिंग को सील भी किया था। लेकिन आरोप है कि सील के बावजूद, इन बिल्डरों ने न केवल अवैध निर्माण जारी रखा, बल्कि सील की गई बिल्डिंग में सड़क, नाली, और बाउंड्रीवॉल बनाकर एक दुकान का उद्घाटन भी कर डाला। यह दुकान कथित तौर पर मोहनलालगंज के एक व्यस्त चौराहे के पास खोली गई, और उद्घाटन समारोह में स्थानीय नेताओं की मौजूदगी की भी चर्चा है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस अवैध निर्माण के खिलाफ कई बार LDA को शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। LDA के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने हाल ही में दावा किया था कि 53 लंबित फाइलों का निस्तारण किया गया है, लेकिन इस मामले में कोई प्रगति नहीं दिखी। सूत्रों के अनुसार, बब्बू और मोहम्मद अकील ने कथित तौर पर कुछ LDA अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर रखी है, जिसके कारण उनकी गतिविधियाँ बेरोकटोक चल रही हैं। इस घटना ने लखनऊ में अवैध निर्माण की समस्या को फिर से उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे बिल्डरों की वजह से शहर की योजनाबद्ध विकास प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, और आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कुछ सामाजिक संगठनों ने इस मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक ले जाने की बात कही है, और माँग की है कि बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाए। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा बनी हुई है, और लोग LDA की निष्क्रियता और भ्रष्टाचार के आरोपों को उजागर कर रहे हैं।



