अखिलेश यादव का पहलगाम आतंकी हमले पर बयान
लखनऊ, 25 अप्रैल। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मैनपुरी में आज सुबह 8:00 बजे के आसपास प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले पर केंद्रित थी, जिसमें उत्तर प्रदेश के शुभम द्विवेदी सहित 26 लोग मारे गए थे। अखिलेश ने केंद्र सरकार को आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
प्रेस वार्ता में सपा के अलावा कई सपा के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
अखिलेश यादव के मुख्य बयान
अखिलेश ने पहलगाम हमले को “मानवता के खिलाफ अपराध” करार दिया और मृतकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “आतंकियों के खिलाफ सरकार कड़े फैसले ले , सपा उनके साथ है ।”उन्होंने केंद्र सरकार को समर्थन का आश्वासन देते हुए कहा, “टेररिस्ट जो है उनको बख्शना नहीं चाहिए और जो टेररिस्ट का साथ दे रहे उनके खिलाफ और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
अखिलेश ने उठाया सुरक्षा चूक पर सवाल
सबसे बड़ी जो चूक हुई है वह चूक है इंटेलिजेंस की। सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना हुई कैसे, उसकी जानकारी सरकार को क्यों नहीं मिल पाई? बच्चा बच्चा जान गया है कि यह बहुत बड़ा सिक्योरिटी लेप्स है।”उन्होंने माँग की, “हमें उम्मीद है ठोस कार्रवाई होगी, जिससे जो भारत के दुश्मन हैं, जो मानवता के दुश्मन हैं, जो हमारे देश के भाईचारे को खराब करना चाहते हैं, ऐसी ताकतों का हमेशा के लिए सफाया किया जाए।
अखिलेश ने सर्वदलीय बैठक में सपा की भागीदारी की पुष्टि की, जिसमें प्रो. राम गोपाल यादव हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा, “जो सुझाव हमें देने थे, ऑल पार्टी मीटिंग में हमारी पार्टी ने दे दिए हैं, अब बीजेपी को इसपर राजनीति नहीं करनी चाहिए।”उन्होंने केंद्र की अग्निवीर योजना पर भी निशाना साधा: “यह जो बजट है इसको बचाना है इसलिए अग्निवीर व्यवस्था लागू कर रहे हैं। जब नेताजी डिफेंस मिनिस्टर थे उन्होंने कहा कितना भी बजट खर्च हो जाए लेकिन हम अपने शहीद को पूरे सम्मान के साथ उसके घर परिवार तक पहुंचाने का काम करेंगे।”अखिलेश ने गेहूं खरीद में देरी पर भी सरकार को घेरा: “सरकारी केंद्रों में कहीं गेहूं नहीं जा रहा, सरकारी खरीद ही नहीं हो पा रही, सरकार के लोग उद्योगपतियों से। मिले हुए हैं। “उन्होंने सेना की तारीफ की: “इतनी बहादुर फौज दुनिया में किसी के पास नहीं जितनी भारत के पास है। इतनी कठिन परिस्थितियों में सीमा की सुरक्षा करते हैं, शायद दुनिया में ऐसे बॉर्डर नहीं होंगे।



