HomeUTTAR PRADESHयूपी में समय से पहले मानसून की आहट, गोरखपुर से लेकर पश्चिमी...

यूपी में समय से पहले मानसून की आहट, गोरखपुर से लेकर पश्चिमी यूपी तक बारिश की संभावना

लखनऊ,25 मई। उत्तर प्रदेश में मानसून के समय से पहले दस्तक देने की संभावना ने पूरे राज्य में उत्साह और सतर्कता का माहौल पैदा कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में 24 मई 2025 को अपनी शुरुआत की, जो सामान्य तारीख 1 जून से आठ दिन पहले है। यह 16 वर्षों में सबसे जल्दी मानसून की शुरुआत है। इस शुरुआती आगमन ने उत्तर प्रदेश में भी मानसून के जल्दी पहुँचने की उम्मीदें बढ़ा दी हैं, विशेष रूप से पूर्वी यूपी में गोरखपुर, बस्ती, और आजमगढ़ जैसे क्षेत्रों में।मानसून की प्रगति और यूपी में इसका रास्ताIMD के निदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने बताया कि मानसून ने केरल के साथ-साथ मिजोरम में भी एक साथ दस्तक दी, जो सामान्य तारीख 5 जून से 12 दिन पहले है। यह असामान्य घटना लगातार दूसरे वर्ष देखी गई है। उत्तर प्रदेश में मानसून सबसे पहले गोरखपुर और तराई क्षेत्रों में प्रवेश करता है, जो सामान्य रूप से जून के तीसरे सप्ताह में होता है। मानसून केरल में 27 मई तक पहुँचने की संभावना थी, और इसके बाद जून के तीसरे सप्ताह तक यूपी में इसका आगमन हो सकता है। लेकिन हाल के अपडेट्स के अनुसार, मानसून की गति तेज होने के कारण यह जून के पहले सप्ताह में गोरखपुर, बस्ती, और कुशीनगर जैसे क्षेत्रों में पहुँच सकता है। पश्चिमी यूपी, जैसे मेरठ, सहारनपुर, और गाजियाबाद, में मानसून जून के मध्य तक सक्रिय हो सकता है।

मौसम विभाग का अलर्ट और प्रभावित क्षेत्र

IMD ने 25 मई 2025 को उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया। बताया गया है कि औरैया, बांदा, इटावा, फर्रुखाबाद, और फतेहपुर जैसे जिलों में 60-80 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएँ और ओलावृष्टि की संभावना है। अरब सागर में बने एक चक्रवाती सिस्टम के कारण पूर्वी और मध्य यूपी में नम दक्षिण-पश्चिमी हवाएँ बारिश की संभावना को बढ़ा रही हैं।पश्चिमी यूपी में मेरठ, संभल, अमरोहा, और हापुड़ जैसे क्षेत्रों में पहले ही प्री-मानसून बारिश देखी जा चुकी है। मेरठ के रूहासा गाँव में पेड़ गिरने से एक किसान की मौत हो गई, जो प्री-मानसून बारिश और आंधी का परिणाम था। इस तरह की घटनाएँ मानसून के आगमन से पहले सतर्कता की आवश्यकता को दर्शाती हैं।

किसानों और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

मानसून का जल्दी आगमन उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए वरदान साबित हो सकता है। @LiveMint की 11 मई 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, समय से पहले मानसून खरीफ फसलों, जैसे धान, मक्का, और सोयाबीन, की बुआई के लिए अनुकूल है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, और हरियाणा जैसे धान उत्पादक क्षेत्रों में यह बम्पर फसल की उम्मीद जगा रहा है। कृषि विशेषज्ञ सुधीर पनवार ने बताया कि बारिश का समान वितरण इस बार फसलों की पैदावार को बढ़ा सकता है। बारिश और ओलावृष्टि ने 18 जिलों में 45 लोगों की जान ले ली, जिससे बाढ़ और जलभराव की आशंका बढ़ गई है। लखनऊ में बाढ़ बचाव परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष निर्देश दिए हैं, जैसा कि @UPGovt की 19 मई 2025 की पोस्ट में उल्लेख किया गया।

चुनौतियाँ और तैयारियाँ

मानसून के साथ जलभराव और बाढ़ की चुनौतियाँ भी आती हैं। लखनऊ, वाराणसी, और प्रयागराज जैसे शहरों में जल निकासी की समस्या को हल करने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने नदियों, विशेष रूप से गंगा और यमुना, के किनारे बसे गाँवों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश में मानसून का समय से पहले आगमन किसानों और आम जनता के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसके साथ आने वाली चुनौतियों के लिए व्यापक तैयारी आवश्यक है। गोरखपुर से शुरू होकर पश्चिमी यूपी तक, मानसून अगले कुछ हफ्तों में पूरे राज्य को कवर करेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read