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लखनऊ, 22 मई। आज अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में एक सनसनीखेज गोलीबारी की घटना में दो इजराइली नागरिकों की हत्या कर दी गई। यह भीषण वारदात कैपिटल यहूदी संग्रहालय के बाहर हुई, जिसने स्थानीय समुदाय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी हड़कंप मचा दिया।
21 मई, 2025 की रात स्थानीय समयानुसार लगभग 9:00 बजे (भारतीय समयानुसार 22 मई को सुबह 7:30 बजे), वॉशिंगटन डीसी के पेन क्वार्टर क्षेत्र में, 3rd और F स्ट्रीट्स NW के पास, कैपिटल यहूदी संग्रहालय के बाहर गोलीबारी हुई। यह स्थान अमेरिकी संसद भवन से करीब एक मील और व्हाइट हाउस से 1.3 मील की दूरी पर है। इस हमले में इजराइली दूतावास के दो कर्मचारी, यारोन लिश्चिंस्की और सारा लिन मिलग्रिम, मारे गए। दोनों एक स्वागत समारोह में शामिल होने के बाद संग्रहालय से बाहर निकल रहे थे, जो अमेरिकन ज्यूइश कमेटी (AJC) द्वारा 22-45 वर्ष की आयु के युवा यहूदी पेशेवरों और राजनयिकों के लिए आयोजित किया गया था।पुलिस के अनुसार, हमलावर, 30 वर्षीय एलियास रोड्रिगेज, जो शिकागो का निवासी है, संग्रहालय के बाहर संदिग्ध रूप से टहल रहा था। उसने एक समूह पर नजदीक से हैंडगन से गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें लिश्चिंस्की और मिलग्रिम की मौके पर ही मौत हो गई। गोलीबारी के बाद रोड्रिगेज संग्रहालय के अंदर भागा, जहां उसे सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हिरासत में ले लिया। हिरासत के दौरान उसने “फ्री, फ्री फिलिस्तीन” के नारे लगाए और अपनी फेंकी हुई बंदूक का स्थान बताया, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया।
पीड़ितों की कहानी
यारोन लिश्चिंस्की और सारा लिन मिलग्रिम एक युवा जोड़ा थे, जिन्हें इजराइली राजदूत येचील लेइटर ने “खूबसूरत जोड़ा” बताया। दोनों अपने जीवन के सुनहरे दौर में थे और जल्द ही सगाई करने की योजना बना रहे थे। यारोन ने उस सप्ताह एक अंगूठी खरीदी थी और अगले सप्ताह यरुशलम में सारा को प्रपोज करने वाला था। उनकी मृत्यु ने इजराइली दूतावास और समुदाय को गहरा सदमा पहुंचाया।पुलिस और जांच
वॉशिंगटन मेट्रोपॉलिटन पुलिस और एफबीआई ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रमुख पामेला स्मिथ ने बताया कि रोड्रिगेज का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, और हमले की कोई पूर्व खुफिया जानकारी नहीं थी। हमलावर के नारे और संदिग्ध व्यवहार के आधार पर इसे यहूदी-विरोधी आतंकवादी हमले के रूप में जांचा जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि हमले के मकसद और परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
आधिकारिक प्रतिक्रियाएँ
दूतावास ने बयान जारी कर कहा, “यारोन और सारा हमारे दोस्त और सहकर्मी थे। उनकी हत्या से हमारा पूरा स्टाफ सदमे में है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे “जघन्य यहूदी-विरोधी हत्या” करार दिया और विश्व भर में इजराइली मिशनों की सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया।
विदेश मंत्री गिदोन सआर ने इसे 7 अक्टूबर, 2023 के हमास हमले के बाद बढ़ते यहूदी-विरोधी उकसावे का परिणाम बताया।
अमेरिकी अधिकारी: मेयर म्यूरियल बोउज़र ने कहा, “हम हिंसा और यहूदी-विरोधी भावना को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “यह हत्या यहूदी-विरोधी भावना पर आधारित थी। नफरत का अमेरिका में कोई स्थान नहीं।”अंतरराष्ट्रीय समुदाय: ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने इस हमले की निंदा की। ब्रिटिश विदेश सचिव डेविड लैमी ने इसे “भयानक अपराध” और फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने इसे “घृणित बर्बरता” कहा।
यह गोलीबारी गाजा में इजराइल के सैन्य अभियान के बीच हुई, जो 7 अक्टूबर, 2023 के हमास हमले के जवाब में शुरू हुआ था। इस अभियान ने वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ाया है, और “फ्री फिलिस्तीन” जैसे नारे कुछ मामलों में हिंसा को उकसाने के लिए इस्तेमाल हुए हैं। यह घटना अमेरिका में बढ़ती यहूदी-विरोधी घटनाओं का हिस्सा है, जिसने यहूदी समुदाय में असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है। कैपिटल यहूदी संग्रहालय को हाल ही में $500,000 का सुरक्षा अनुदान मिला था, जो इस तरह के खतरों को दर्शाता है।
वॉशिंगटन डीसी में कैपिटल यहूदी संग्रहालय के बाहर हुई यह गोलीबारी एक दुखद घटना है, जिसने दो युवा इजराइली नागरिकों की जान ले ली। यह हमला न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यहूदी-विरोधी हिंसा और वैश्विक तनावों का प्रतीक भी है। जांच जारी है, और यह देखना बाकी है कि इस हमले के पीछे का पूरा मकसद क्या था। यह घटना यहूदी समुदाय की सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर शांति के लिए एकजुट होने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।



