लखनऊ,13 मई । उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को और मजबूत करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। उत्तर प्रदेश पुलिस की एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने राज्य में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले 142 स्लीपिंग मॉड्यूल्स को गिरफ्तार किया, जबकि एक आतंकी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। यह कार्रवाई ISIS, जैश-ए-मोहम्मद, और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े नेटवर्क को नष्ट करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, टेरर फंडिंग से जुड़े 11 मॉड्यूल्स को भी पकड़ा गया, जो हवाला और अन्य अवैध चैनलों के जरिए धन जुटा रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्रवाई को “विकसित भारत और सुरक्षित उत्तर प्रदेश” की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “2017 से पहले उत्तर प्रदेश में आतंकी घटनाएँ आम थीं। हमारी सरकार ने ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से आतंकवादियों के हौसले पस्त किए हैं। आतंकवाद कुत्ते की पूँछ की तरह है, जो कभी सीधा नहीं होगा, लेकिन हम इसे जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।” योगी ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सख्ती से नकेल कसी है, जो कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों में शामिल थे।
ATS की यह कार्रवाई कई महीनों की खुफिया जानकारी और निगरानी का नतीजा थी। सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए मॉड्यूल्स लखनऊ, कानपुर, और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में सक्रिय थे और बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे। इनमें से कुछ मॉड्यूल्स ने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भड़काने और भर्ती करने की कोशिश की थी। ATS ने 131 आतंकियों को अकेले इस साल पकड़ा, जो पिछले वर्षों की तुलना में रिकॉर्ड उपलब्धि है।
इस कार्रवाई ने न केवल उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक मिसाल कायम की। योगी सरकार की इस पहल की विपक्ष ने भी सराहना की, हालाँकि कुछ नेताओं ने इसे “राजनीतिक लाभ” के लिए अतिशयोक्ति बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश को निवेश और विकास के लिए सुरक्षित गंतव्य बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। योगी ने कहा, “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, और हमारा लक्ष्य हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।” यह कार्रवाई निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश में आतंकवाद के खिलाफ एक नई आक्रामक रणनीति का संकेत देती है।



